Hope Poetry (page 36)
ये किस रश्क-ए-मसीहा का मकाँ है
हैदर अली आतिश
ये आरज़ू थी तुझे गुल के रू-ब-रू करते
हैदर अली आतिश
या-अली कह कर बुत-ए-पिंदार तोड़ा चाहिए
हैदर अली आतिश
वो नाज़नीं ये नज़ाकत में कुछ यगाना हुआ
हैदर अली आतिश
वहशी थे बू-ए-गुल की तरह इस जहाँ में हम
हैदर अली आतिश
वहशत-ए-दिल ने किया है वो बयाबाँ पैदा
हैदर अली आतिश
तुर्रा उसे जो हुस्न-ए-दिल-आज़ार ने किया
हैदर अली आतिश
ताज़ा हो दिमाग़ अपना तमन्ना है तो ये है
हैदर अली आतिश
तार-तार-ए-पैरहन में भर गई है बू-ए-दोस्त
हैदर अली आतिश
सूरत से इस की बेहतर सूरत नहीं है कोई
हैदर अली आतिश
सर शम्अ साँ कटाइए पर दम न मारिए
हैदर अली आतिश
रुख़ ओ ज़ुल्फ़ पर जान खोया किया
हैदर अली आतिश
क़द-ए-सनम सा अगर आफ़रीदा होना था
हैदर अली आतिश
नाज़-ओ-अदा है तुझ से दिल-आराम के लिए
हैदर अली आतिश
ना-फ़हमी अपनी पर्दा है दीदार के लिए
हैदर अली आतिश
मुंतज़िर था वो तो जुस्त-ओ-जू में ये आवारा था
हैदर अली आतिश
मिरे दिल को शौक़-ए-फ़ुग़ाँ नहीं मिरे लब तक आती दुआ नहीं
हैदर अली आतिश
लिबास-ए-यार को मैं पारा-पारा क्या करता
हैदर अली आतिश
कोई अच्छा नहीं होता है बरी चालों से
हैदर अली आतिश
कौन से दिल में मोहब्बत नहीं जानी तेरी
हैदर अली आतिश
जोश-ओ-ख़रोश पर है बहार-ए-चमन हनूज़
हैदर अली आतिश
जौहर नहीं हमारे हैं सय्याद पर खुले
हैदर अली आतिश
जाँ-बख़्श लब के इश्क़ में ईज़ा उठाइए
हैदर अली आतिश
इस शश-जिहत में ख़ूब तिरी जुस्तुजू करें
हैदर अली आतिश
इंसाफ़ की तराज़ू में तौला अयाँ हुआ
हैदर अली आतिश
हुबाब-आसा में दम भरता हूँ तेरी आश्नाई का
हैदर अली आतिश
हवा-ए-दौर-ए-मय-ए-ख़ुश-गवार राह में है
हैदर अली आतिश
हसरत-ए-जल्वा-ए-दीदार लिए फिरती है
हैदर अली आतिश
हंगाम-ए-नज़'अ महव हूँ तेरे ख़याल का
हैदर अली आतिश
दीवानगी ने क्या क्या आलम दिखा दिए हैं
हैदर अली आतिश