Love Poetry (page 175)

दिल बला से निसार हो जाए

चराग़ हसन हसरत

आओ हुस्न-ए-यार की बातें करें

चराग़ हसन हसरत

तरकीब-ए-सर्फ़ी

चाैधरी मोहम्मद नईम

तन्हाई में आज उन से मुलाक़ात हुई है

चरख़ चिन्योटी

क़रार खो के चले बे-क़रार हो के चले

चरख़ चिन्योटी

क़रार खो के चले बे-क़रार हो के चले

चरख़ चिन्योटी

मचलेंगे उन के आने पे जज़्बात सैंकड़ों

चरख़ चिन्योटी

जो आँसुओं को न चमकाए वो ख़ुशी क्या है

चरख़ चिन्योटी

जल्वा-ए-हुस्न से है सूरत-ए-औक़ात नई

चरख़ चिन्योटी

जल्वा-ए-हुस्न से है सूरत-ए-औक़ात नई

चरख़ चिन्योटी

जब सर-ए-बाम वो ख़ुर्शीद-जमाल आता है

चरख़ चिन्योटी

हुस्न के जल्वे लुटाए तिरी रा'नाई ने

चरख़ चिन्योटी

फ़ज़ा-ए-ना-उमीदी में उमीद-अफ़ज़ा पयाम आया

चरख़ चिन्योटी

फ़ज़ा में कैफ़-फ़शाँ फिर सहाब है साक़ी

चरख़ चिन्योटी

बे-ख़ुदी में है न वो पी कर सँभल जाने में है

चरख़ चिन्योटी

बज़्म-ए-जानाँ में मोहब्बत का असर देखेंगे

चरख़ चिन्योटी

बज़्म-ए-जानाँ में मोहब्बत का असर देखेंगे

चरख़ चिन्योटी

बात कहने के लिए बात बनाई न गई

चरख़ चिन्योटी

बात कहने के लिए बात बनाई न गई

चरख़ चिन्योटी

अक़्ल हैरान है रहमत का तक़ाज़ा क्या है

चरख़ चिन्योटी

सर उठा के मत चलिए आज के ज़माने में

चरण सिंह बशर

फ़ज़ा-ए-आदमियत को सँवरने ही नहीं देते

चरण सिंह बशर

एक मरकज़ पे सिमट आई है सारी दुनिया

चरण सिंह बशर

समंदर का सुकूत

चन्द्रभान ख़याल

क़तरा क़तरा एहसास

चन्द्रभान ख़याल

जंग

चन्द्रभान ख़याल

गुम-शुदा आदमी का इंतिज़ार

चन्द्रभान ख़याल

सभी सम्तों को ठुकरा कर उड़ी जाए

चंद्र प्रकाश शाद

कैसा वो मौसम था ये तो समझ न पाए हम

चंद्र प्रकाश शाद

हाए कितना लतीफ़ है वो ग़म

चंद्र प्रकाश जौहर बिजनौरी