Love Poetry (page 176)
वो क्या जवाब दे अर्ज़-ए-सवाल से पहले
चंद्र प्रकाश जौहर बिजनौरी
हिजाब बन के वो मेरी नज़र में रहता है
चंद्र प्रकाश जौहर बिजनौरी
ज़िंदगी की यही कहानी है
चाँदनी पांडे
ये मोहब्बत जो मोहब्बत से कमाई हुई है
चाँदनी पांडे
वो काश मान लेता कभी हम-सफ़र मुझे
चाँदनी पांडे
उम्र के लम्बे सफ़र से तजरबा ऐसा मिला
चाँदनी पांडे
ख़त्म है बादल की जब से साएबानी धूप में
चाँदनी पांडे
जले चराग़ बुझाने की ज़िद नहीं करते
चाँदनी पांडे
हमें बर्बादियों पे मुस्कुराना ख़ूब आता है
चाँदनी पांडे
एक मुद्दत से उसे देखा नहीं
चाँदनी पांडे
ले उड़ा रंग फ़लक जल्वा-ए-रा'नाई का
चंद्रभान कैफ़ी देहल्वी
क्या हुस्न है यूसुफ़ भी ख़रीदार है तेरा
चंद्रभान कैफ़ी देहल्वी
जहाँ रंग-ओ-बू है और मैं हूँ
चंद्रभान कैफ़ी देहल्वी
हर आरज़ू में रंग है बाग़-ओ-बहार का
चंद्रभान कैफ़ी देहल्वी
फ़ित्ना-ए-रोज़गार की बातें
चंद्रभान कैफ़ी देहल्वी
दिलकशी नाम को भी आलम-ए-इम्काँ में नहीं
चंद्रभान कैफ़ी देहल्वी
दौर-ए-निगाह-ए-साक़ी-ए-मस्ताना एक है
चंद्रभान कैफ़ी देहल्वी
मौत आएगी उस से मिल लेंगे
चमन लाल चमन
महँगाई में हर इक शय के दाम हुए हैं दूने
चमन लाल चमन
हम से यूँ बे-रुख़ी से मिलते हैं
चमन लाल चमन
हल्की हल्की बूँदें बरसीं पंछी करें कलोल
चमन लाल चमन
ज़िंदगी क्या है अनासिर में ज़ुहूर-ए-तरतीब
चकबस्त ब्रिज नारायण
नया बिस्मिल हूँ मैं वाक़िफ़ नहीं रस्म-ए-शहादत से
चकबस्त ब्रिज नारायण
मज़ा है अहद-ए-जवानी में सर पटकने का
चकबस्त ब्रिज नारायण
इक सिलसिला हवस का है इंसाँ की ज़िंदगी
चकबस्त ब्रिज नारायण
अगर दर्द-ए-मोहब्बत से न इंसाँ आश्ना होता
चकबस्त ब्रिज नारायण
अदब ता'लीम का जौहर है ज़ेवर है जवानी का
चकबस्त ब्रिज नारायण
रामायण का एक सीन
चकबस्त ब्रिज नारायण
मर्सिया गोपाल कृष्ण गोखले
चकबस्त ब्रिज नारायण
ख़ाक-ए-हिंद
चकबस्त ब्रिज नारायण