Love Poetry (page 242)
शम्-ए-इख़्लास-ओ-यक़ीं दिल में जला कर चलिए
अशोक साहनी
पलकों पे इंतिज़ार का मौसम सजा लिया
अशोक साहनी
नफ़रतें दिल से मिटाओ तो कोई बात बने
अशोक साहनी
मंज़िल-ए-सिदक़-ओ-सफ़ा का रास्ता अपनाइए
अशोक साहनी
जो ज़रूरी है कार कर पहले
अशोक साहनी
इस को ग़ुरूर-ए-इश्क़ ने क्या क्या बना दिया
अशोक साहनी
गुल्सितान-ए-ज़िंदगी में ज़िंदगी पैदा करो
अशोक साहनी
अब इस से पहले कि दुनिया से मैं गुज़र जाऊँ
अशोक साहिल
विरासत
अशोक लाल
सफ़र
अशोक लाल
रौशनाई
अशोक लाल
परिक्रमा तवाफ़
अशोक लाल
नींद
अशोक लाल
मेरे एहसास मेरे विसवास
अशोक लाल
महकती हुई तन्हाइयाँ
अशोक लाल
कौन सितारे छू सकता है
अशोक लाल
घर वापसी
अशोक लाल
बासी रिश्ते
अशोक लाल
आईने में ख़म आया
अशोक लाल
सर्द-मेहरी से तिरी दिल जो तपाँ रखते हैं
अश्क रामपुरी
ये कश्ती-ए-हयात ये तूफ़ान-ए-हादसात
अश्क अमृतसरी
कश्मकश में हैं तिरी ज़ुल्फ़ों के ज़िंदानी हनूज़
अश्क अमृतसरी
बहुत ख़ामोश रह कर जो सदाएँ मुझ को देता था
आशिर वकील राव
ज़िंदगी की हक़ीक़त अजब हो गई
अशहद बिलाल इब्न-ए-चमन
तमाम दिन की मशक़्क़त-भरी तकान के ब'अद
अशहद बिलाल इब्न-ए-चमन
ज़ख़्म-ए-फ़ुर्क़त को तिरी याद ने भरने न दिया
अशहद बिलाल इब्न-ए-चमन
वो मेरा है तो कभी भी न आज़माऊँ उसे
अशहद बिलाल इब्न-ए-चमन
तीर-ए-नज़र ने आप की घाएल किया मुझे
अशहद बिलाल इब्न-ए-चमन
सोचते हैं कि बुलबुला हो जाएँ
अशहद बिलाल इब्न-ए-चमन
हम ने देखा है इतने खंडर ख़्वाब में
अशहद बिलाल इब्न-ए-चमन