Love Poetry (page 243)
हीला है हवाला है
अशहद बिलाल इब्न-ए-चमन
घटा जब रक़्स करती है तो उन की याद आती है
अशहद बिलाल इब्न-ए-चमन
दिल मानता नहीं है मनाने के बअ'द भी
अशहद बिलाल इब्न-ए-चमन
आ जाओ अब तो ज़ुल्फ़ परेशाँ किए हुए
अशहद बिलाल इब्न-ए-चमन
ज़र्द पत्तों पे मिरा नाम लिखा है उस ने
अशफ़ाक़ अंजुम
उठाओ संग कि हम में सनक बहुत है अभी
अशफ़ाक़ अंजुम
जिन लग़्ज़िशों के दहर में झंडे बुलंद हैं
अशफ़ाक़ रहबर
हादसे ज़ेर-ओ-बम पेच-ओ-ख़म राह देख
अशफ़ाक़ रहबर
तिरी नज़र के इशारे बदल भी सकते हैं
अशफ़ाक़ रशीद मंसूरी
हैरत है वो ख़ून की बातें करते हैं
अशफ़ाक़ रशीद मंसूरी
दुनिया को हादसों में गिरफ़्तार देखना
अशफ़ाक़ रशीद मंसूरी
अपनी ग़ज़लों को रिसालों से अलग रखता हूँ
अशफ़ाक़ रशीद मंसूरी
अपने दिल में आग लगानी पड़ती है
अशफ़ाक़ रशीद मंसूरी
वो शख़्स जिस की ख़ुशी का बाइस थीं मेरी बातें
अशफ़ाक़ नासिर
वो फूल हो सितारा हो शबनम हो झील हो
अशफ़ाक़ नासिर
हम आइने में तिरा अक्स देखने के लिए
अशफ़ाक़ नासिर
ये लोग ढूँड रहे हैं यहाँ वहाँ मुझ को
अशफ़ाक़ नासिर
याद रक्खेगा मिरा कौन फ़साना मिरे दोस्त
अशफ़ाक़ नासिर
ताएरों की उड़ान में हम हैं
अशफ़ाक़ नासिर
पीला था चाँद और शजर बे-लिबास थे
अशफ़ाक़ नासिर
मैं सीखता रहा इक उम्र हाव-हू करना
अशफ़ाक़ नासिर
दिल किसी ख़्वाहिश का उकसाया हुआ
अशफ़ाक़ नासिर
अक्स को फूल बनाने में गुज़र जाती है
अशफ़ाक़ नासिर
अजब तरह के कमाल करने भी आ गए हैं
अशफ़ाक़ नासिर
अगर ख़ुशी में तुझे गुनगुनाते लगते हैं
अशफ़ाक़ नासिर
तलाश अपनी ख़ुद अपने वजूद को खो कर
अशफ़ाक़ हुसैन
फूल महकेंगे यूँही चाँद यूँही चमकेगा
अशफ़ाक़ हुसैन
ज़रा ज़रा ही सही आश्ना तो मैं भी हूँ
अशफ़ाक़ हुसैन
यहीं कहीं कोई आवाज़ दे रहा था मुझे
अशफ़ाक़ हुसैन
तेरे पहलू में तिरे दिल के क़रीं रहना है
अशफ़ाक़ हुसैन