Love Poetry (page 304)
कहा था मैं ने क्या तू ने सुना क्या
अली वजदान
जंगल भी थे दरिया भी
अली वजदान
ग़मों की धूप में जलता हूँ मिस्ल-ए-सहरा मैं
अली वजदान
ऐ नीश-ए-इश्क़ तेरे ख़रीदार क्या हुए
अली वजदान
आतिश-ए-इश्क़ में जलता रहा बुझता रहा दिल
अली वजदान
ये किस ने फ़ोन पे दी साल-ए-नौ की तहनियत मुझ को
अली सरदार जाफ़री
सौ मिलीं ज़िंदगी से सौग़ातें
अली सरदार जाफ़री
प्यास जहाँ की एक बयाबाँ तेरी सख़ावत शबनम है
अली सरदार जाफ़री
दिल-ओ-नज़र को अभी तक वो दे रहे हैं फ़रेब
अली सरदार जाफ़री
उठो
अली सरदार जाफ़री
उर्दू
अली सरदार जाफ़री
तुम्हारा शहर
अली सरदार जाफ़री
तुम नहीं आए थे जब
अली सरदार जाफ़री
तीन शराबी
अली सरदार जाफ़री
तिरे प्यार का नाम
अली सरदार जाफ़री
ताशक़ंद की शाम
अली सरदार जाफ़री
शुऊर
अली सरदार जाफ़री
सर-ए-तूर
अली सरदार जाफ़री
साल-ए-नौ
अली सरदार जाफ़री
क़त्ल-ए-आफ़्ताब
अली सरदार जाफ़री
प्यास की आग
अली सरदार जाफ़री
प्यास भी एक समंदर है
अली सरदार जाफ़री
पैराहन-ए-शरर
अली सरदार जाफ़री
नींद
अली सरदार जाफ़री
मेरे ख़्वाब
अली सरदार जाफ़री
मिरे अज़ीज़ो, मिरे रफ़ीक़ो
अली सरदार जाफ़री
मेरा सफ़र
अली सरदार जाफ़री
लहू पुकारता है
अली सरदार जाफ़री
इन्फ़िरादियत
अली सरदार जाफ़री
हाथों का तराना
अली सरदार जाफ़री