Love Poetry (page 351)
रेहान-सिद्दीक़ी की याद में
अहमद हमेश
रास्ते में शाम का मुक़द्दर होना
अहमद हमेश
परछाईं का सफ़र
अहमद हमेश
मेहवर
अहमद हमेश
मकाशफ़ा
अहमद हमेश
मा-बा'द-उत-तबीआत
अहमद हमेश
लैंडस्केप
अहमद हमेश
ला शुऊ'र
अहमद हमेश
ख़ाक-ए-बिसात
अहमद हमेश
कौन सी दिशा कहाँ की दिशा
अहमद हमेश
इस से ज़ियादा कुछ नहीं
अहमद हमेश
दर-अस्ल ये नज़्म लिखी ही नहीं गई
अहमद हमेश
अश्लोक
अहमद हमेश
अपने जैसे आशिक़ों के नाम
अहमद हमेश
अंदेशा-ए-जाँ
अहमद हमेश
ऐसा भी नहीं कि
अहमद हमेश
अबद
अहमद हमेश
1973 की एक नज़्म
अहमद हमेश
उधर की शय इधर कर दी गई है
अहमद हमेश
सुब्ह-ए-फ़िराक़ अल-अमाँ वस्ल की शाम अल-अमाँ
अहमद हमेश
न घर है कोई न सामान कुछ रहा बाक़ी
अहमद हमेश
किस तवक़्क़ो' पे क्या उठा रखिए
अहमद हमेश
किस को मालूम है क्या होगा नज़र से पहले
अहमद हमेश
किस का शोअ'ला जल रहा है शो'लगी से मावरा
अहमद हमेश
कभी तुम ने कुछ तो दिया नहीं कभी हम ने कुछ तो लिया नहीं
अहमद हमेश
जहाँ से होता है प्यारे ख़ुदा का नाम शुरूअ'
अहमद हमेश
जब से मैं ख़ुद को खो रहा हूँ
अहमद हमेश
वो मेरी राह में काँटे बिछाए मैं लेकिन
अहमद हमदानी
ये वफ़ाएँ सारी धोके फिर ये धोके भी कहाँ
अहमद हमदानी
ये तेरी चाह भी क्या तेरी आरज़ू भी क्या
अहमद हमदानी