Love Poetry (page 350)

प्यार अपने पे जो आता है तो क्या करते हैं

अहमद हुसैन माइल

नई सदा हो नए होंट हों नया लहजा

अहमद हुसैन माइल

मोहब्बत ने 'माइल' किया हर किसी को

अहमद हुसैन माइल

मेरा सलाम इश्क़ अलैहिस-सलाम को

अहमद हुसैन माइल

है हुक्म-ए-आम इश्क़ अलैहिस-सलाम का

अहमद हुसैन माइल

गर बस चले तो आप फिरूँ अपने गर्द मैं

अहमद हुसैन माइल

दूर से यूँ दिया मुझे बोसा

अहमद हुसैन माइल

बंद-ए-क़बा में बाँध लिया ले के दिल मिरा

अहमद हुसैन माइल

अगरचे वो बे-पर्दा आए हुए हैं

अहमद हुसैन माइल

ज़मज़मा नाला-ए-बुलबुल ठहरे

अहमद हुसैन माइल

वो पारा हूँ मैं जो आग में हूँ वो बर्क़ हूँ जो सहाब में हूँ

अहमद हुसैन माइल

वो बुत परी है निकालें न बाल-ओ-पर ता'वीज़

अहमद हुसैन माइल

शब-ए-माह में जो पलंग पर मिरे साथ सोए तो क्या हुए

अहमद हुसैन माइल

समझ के हूर बड़े नाज़ से लगाई चोट

अहमद हुसैन माइल

रू-ए-ताबाँ माँग मू-ए-सर धुआँ बत्ती चराग़

अहमद हुसैन माइल

क़िबला-ए-आब-ओ-गिल तुम्हीं तो हो

अहमद हुसैन माइल

प्यार अपने पे जो आता है तो क्या करते हैं

अहमद हुसैन माइल

निकली जो रूह हो गए अजज़ा-ए-तन ख़राब

अहमद हुसैन माइल

महशर में चलते चलते करूँगा अदा नमाज़

अहमद हुसैन माइल

क्यूँ शौक़ बढ़ गया रमज़ाँ में सिंगार का

अहमद हुसैन माइल

क्या रोज़-ए-हश्र दूँ तुझे ऐ दाद-गर जवाब

अहमद हुसैन माइल

कोई हसीन है मुख़्तार-ए-कार-ख़ाना-ए-इश्क़

अहमद हुसैन माइल

खड़े हैं मूसा उठाओ पर्दा दिखाओ तुम आब-ओ-ताब-ए-आरिज़

अहमद हुसैन माइल

जुम्बिश में ज़ुल्फ़-ए-पुर-शिकन एक इस तरफ़ एक उस तरफ़

अहमद हुसैन माइल

हो गए मुज़्तर देखते ही वो हिलती ज़ुल्फ़ें फिरती नज़र हम

अहमद हुसैन माइल

चोरी से दो घड़ी जो नज़ारे हुए तो क्या

अहमद हुसैन माइल

आफ़्ताब आए चमक कर जो सर-ए-जाम-ए-शराब

अहमद हुसैन माइल

उस के नाम जो मुझे नहीं जानती

अहमद हमेश

सर-ए-आसमाँ सर-ए-ज़मीं

अहमद हमेश

सफ़र ऐसा है कहाँ का

अहमद हमेश