Sad Poetry (page 19)

ये जो आबाद होने जा रहे हैं

इमरान-उल-हक़ चौहान

पयाम ले के हवा दूर तक नहीं जाती

इमरान-उल-हक़ चौहान

मौसम-ए-गुल है तिरे सुर्ख़ दहन की हद तक

इमरान-उल-हक़ चौहान

हम न दुनिया के हैं न दीं के हैं

इमरान-उल-हक़ चौहान

अपने लहू में ज़हर भी ख़ुद घोलता हूँ मैं

इमरान-उल-हक़ चौहान

अपने हिस्से में ही आने थे ख़सारे सारे

इमरान-उल-हक़ चौहान

तेरी याद

इमरान शनावर

तेरे दिल से उतर चुका हूँ मैं

इमरान शनावर

सितारे सब मिरे महताब मेरे

इमरान शनावर

कुछ तो ऐ यार इलाज-ए-ग़म-ए-तन्हाई हो

इमरान शनावर

गाम गाम ख़्वाहिशें

इमरान शनावर

भूक कम कम है प्यास कम कम है

इमरान शनावर

पहली सिगरेट पहला ख़्वाब और पहला इश्क़

इमरान शमशाद

सूदी बेगम

इमरान शमशाद

ज़िंदगी में जो ये रवानी है

इमरान शमशाद

ये ग़लत है ये साल ठीक नहीं

इमरान शमशाद

तुम ने ये माजरा सुना है क्या

इमरान शमशाद

ठहर के देख तू इस ख़ाक से क्या क्या निकल आया

इमरान शमशाद

रफ़्ता रफ़्ता सब कुछ अच्छा हो जाएगा

इमरान शमशाद

जल कर जिस ने जल को देखा

इमरान शमशाद

वो शाम ढले तेरा मिलना वो तेरा हँसाना याद नहीं

इमरान साग़र

तुझ को खो देने का एहसास हुआ तेरे बा'द

इमरान साग़र

परेशाँ हूँ तिरा चेहरा भुलाया भी नहीं जाता

इमरान साग़र

मैं अपने हाल-ए-ज़ार का आईना-दार हूँ

इमरान साग़र

तलाश मैं ने ज़िंदगी में तेरी बे-शुमार की

इमरान हुसैन आज़ाद

मैं सारी उम्र अहद-ए-वफ़ा में लगा रहा

इमरान हुसैन आज़ाद

ख़ुदा तू इतनी भी महरूमियाँ न तारी रख

इमरान हुसैन आज़ाद

ख़िज़ाँ के होश किसी रोज़ मैं उड़ाता हुआ

इमरान हुसैन आज़ाद

एक मुद्दत से तो ठहरे हुए पानी में हूँ मैं

इमरान हुसैन आज़ाद

दीवानगी में अपना पता पूछता हूँ मैं

इमरान हुसैन आज़ाद