Sad Poetry (page 307)
मक़ाम-ए-हिज्र कहीं इम्तिहाँ से ख़ाली है
अहमद निसार
इश्क़ में बर्बाद होने के सिवा रक्खा न था
अहमद निसार
ग़म का पहाड़ मोम के जैसे पिघल गया
अहमद निसार
गली का आम सा चेहरा भी प्यारा होने लगता है
अहमद अताउल्लाह
ज़रुरत-ए-इत्तिहाद
अहमक़ फफूँदवी
मुस्तक़बिल
अहमक़ फफूँदवी
ख़िदमत-ए-वतन
अहमक़ फफूँदवी
इंक़लाब
अहमक़ फफूँदवी
इल्म की ज़रूरत
अहमक़ फफूँदवी
हुसूल-ए-आज़ादी की दिक़्क़तें
अहमक़ फफूँदवी
फ़सान-ए-इबरत
अहमक़ फफूँदवी
ज़रा सुकून भी सहरा के प्यार ने न दिया
अहमद ज़िया
मिला जो धूप का सहरा बदन शजर न बना
अहमद ज़िया
फ़िक्र के सारे धागे टूटे ज़ेहन भी अब म'अज़ूर हुआ
अहमद ज़िया
क्यूँ तीरगी से इस क़दर मानूस हूँ 'ज़फ़र'
अहमद ज़फ़र
उम्र का आख़िरी दिन
अहमद ज़फ़र
म्यूजियम
अहमद ज़फ़र
काएनात-ए-ज़ात का मुसाफ़िर
अहमद ज़फ़र
हैरत-ख़ाना-ए-इमरोज़
अहमद ज़फ़र
ड्राइंग-रूम
अहमद ज़फ़र
डेड-हाऊस
अहमद ज़फ़र
ज़हर को मय न कहूँ मय को गवारा न कहूँ
अहमद ज़फ़र
यूँ ज़माने में मिरा जिस्म बिखर जाएगा
अहमद ज़फ़र
ये तेरा ख़याल है कि तू है
अहमद ज़फ़र
वो फूल जो मुस्कुरा रहा है
अहमद ज़फ़र
उस ने तोड़ा जहाँ कोई पैमाँ
अहमद ज़फ़र
तरस रहा हूँ क़रार-ए-दिल-ओ-नज़र के लिए
अहमद ज़फ़र
तन्हाई ने पर फैलाए रात ने अपनी ज़ुल्फ़ें
अहमद ज़फ़र
सियाह रात की हर दिलकशी को भूल गए
अहमद ज़फ़र
फूल की रंगत मैं ने देखी दर्द की रंगत देखे कौन
अहमद ज़फ़र