Sad Poetry (page 306)

हालत दिल-ए-बेताब की देखी नहीं जाती

अहसन मारहरवी

एक दिल है एक हसरत एक हम हैं एक तुम

अहसन मारहरवी

तुम्हारी लन-तरानी के करिश्मे देखे-भाले हैं

अहसन मारहरवी

सो हश्र में लिए दिल-ए-हसरत मआब में

अहसन मारहरवी

मुतमइन अपने यक़ीं पर अगर इंसाँ हो जाए

अहसन मारहरवी

मुझे ख़बर नहीं ग़म क्या है और ख़ुशी क्या है

अहसन मारहरवी

क्यूँ चुप हैं वो बे-बात समझ में नहीं आता

अहसन मारहरवी

क्या ज़रूरत बे-ज़रूरत देखना

अहसन मारहरवी

कशिश-ए-हुस्न की ये अंजुमन-आराई है

अहसन मारहरवी

जब तक अपने दिल में उन का ग़म रहा

अहसन मारहरवी

इश्क़ करते हैं तो अहल-ए-इश्क़ यूँ सौदा करें

अहसन मारहरवी

इक नज़र में दर्द खो देना दिल-ए-बीमार का

अहसन मारहरवी

चाहिए इश्क़ में इस तरह फ़ना हो जाना

अहसन मारहरवी

बाहम जो हुस्न ओ इश्क़ में याराना हो गया

अहसन मारहरवी

ऐ दिल न सुन अफ़्साना किसी शोख़ हसीं का

अहसन मारहरवी

अदा में बाँकपन अंदाज़ में इक आन पैदा कर

अहसन मारहरवी

जो जो शुऊर-ए-ज़ेहन पे आता चला गया

अहसन लखनवी

तुझे अपना बनाना चाहता हूँ

अहसन इमाम अहसन

मुझ को ख़ुशियाँ न सही ग़म की कहानी दे दे

अहसन इमाम अहसन

ख़याल वो भी मिरे ज़ेहन के मकान में था

अहसन इमाम अहसन

ख़ौफ़-ए-जाँ आस-पास रहता है

अहसन इमाम अहसन

होता है दिन-रात यहाँ अब झगड़ा भाई भाई में

अहसन इमाम अहसन

एक रंगीन ख़्वाब है दुनिया

अहसन इमाम अहसन

बेचैन दिल है फिर भी चेहरे पे दिलकशी है

अहसन इमाम अहसन

अस्र-ए-हाज़िर का जो इंसान नज़र आता है

अहसन इमाम अहसन

अजीब कर्ब सा है ज़िंदगी के चेहरे पर

अहसन इमाम अहसन

अजीब कर्ब सा है ज़िंदगी के चेहरे पर

अहसन इमाम अहसन

वो तो मुझ में ही निहाँ था मुझे मालूम न था

अहमद निसार

तिरे पास रह कर सँवर जाऊँगा मैं

अहमद निसार

रिश्ता-ए-दिल उसी से मिलता है

अहमद निसार