Sad Poetry (page 332)
तेरी दुनिया से ये दिल इस लिए घबराता है
अफ़ज़ल गौहर राव
नींद आई न खुला रात का बिस्तर मुझ से
अफ़ज़ल गौहर राव
इसी लिए भी नए सफ़र से बंधे हुए हैं
अफ़ज़ल गौहर राव
हिज्र में इतना ख़सारा तो नहीं हो सकता
अफ़ज़ल गौहर राव
चुप-चाप निकल आए थे सहरा की तरफ़ हम
अफ़ज़ल गौहर राव
गुज़रे तअ'ल्लुक़ात का अब वास्ता न दे
अफ़ज़ल अलवी
यूँ इलाज-ए-दिल बीमार किया जाएगा
अफ़ज़ल इलाहाबादी
ये हक़ीक़त है वो कमज़ोर हुआ करती हैं
अफ़ज़ल इलाहाबादी
ये बता दे मुझ को मेरे दिल किसे आवाज़ दूँ
अफ़ज़ल इलाहाबादी
यादों के नशेमन को जलाया तो नहीं है
अफ़ज़ल इलाहाबादी
तुम हमारे हो हम तुम्हारे हैं
अफ़ज़ल इलाहाबादी
सुलगती रेत पे तहरीर जो कहानी है
अफ़ज़ल इलाहाबादी
मिरी दीवानगी की हद न पूछो तुम कहाँ तक है
अफ़ज़ल इलाहाबादी
लुटा रहा हूँ मैं लाल-ओ-गुहर अँधेरे में
अफ़ज़ल इलाहाबादी
किसी की याद रुलाये तो क्या किया जाए
अफ़ज़ल इलाहाबादी
जो मिरी आरज़ू नहीं करता
अफ़ज़ल इलाहाबादी
हर नग़मा-ए-पुर-दर्द हर इक साज़ से पहले
अफ़ज़ल इलाहाबादी
ग़मों की धूप में मिलते हैं साएबाँ बन कर
अफ़ज़ल इलाहाबादी
दवा-ए-दर्द-ए-ग़म-ओ-इज़्तिराब क्या देता
अफ़ज़ल इलाहाबादी
ज़िंदगी हमारे लिए कितना आसान कर दी गई है
अफ़ज़ाल अहमद सय्यद
वक़्त उन का दुश्मन है
अफ़ज़ाल अहमद सय्यद
सिर्फ़ ग़ैर-अहम शाएर
अफ़ज़ाल अहमद सय्यद
मोहब्बत
अफ़ज़ाल अहमद सय्यद
क्या आग सब से अच्छी ख़रीदार है
अफ़ज़ाल अहमद सय्यद
जिस का कोई इंतिज़ार न कर रहा हो
अफ़ज़ाल अहमद सय्यद
जंगल के पास एक औरत
अफ़ज़ाल अहमद सय्यद
हम कसी से पूछे बग़ैर ज़िंदा रहते हैं
अफ़ज़ाल अहमद सय्यद
दो ज़बानों में सज़ा-ए-मौत
अफ़ज़ाल अहमद सय्यद
अगर उन्हें मालूम हो जाए
अफ़ज़ाल अहमद सय्यद
अगर हम गीत न गाते
अफ़ज़ाल अहमद सय्यद