Bewafa Poetry (page 25)

आम रस्ते से हट के आया हूँ

औरंगज़ेब

शिकस्ता-दिल की ख़ुशी दोस्तो ख़ुशी तो न थी

औलाद अली रिज़वी

गह मश्क़-ए-सितम गाह-ए-करम याद करेंगे

औलाद अली रिज़वी

मैं इंसान-ए-नौअ' हूँ मैं ईसा-नफ़स हूँ

आतिफ़ ख़ान

मोहब्बतें भी लिखी हुई हैं अदावतें भी लिखी हुई हैं

अतहर सलीमी

बा-वफ़ा था तो मुझे पूछने वाले भी न थे

अतहर नफ़ीस

रौनक़-ए-बेश-ओ-कम किस के होने से है

अतहर नफ़ीस

न मंज़िल हूँ न मंज़िल-आश्ना हूँ

अतहर नफ़ीस

कभी साया है कभी धूप मुक़द्दर मेरा

अतहर नफ़ीस

हम भी बदल गए तिरी तर्ज़-ए-अदा के साथ साथ

अतहर नफ़ीस

फ़र्ज़ानों की इस बस्ती में एक अजब सौदाई है

अतहर नफ़ीस

वो बात मुझ को तो दुश्नाम सी लगी है 'अतीक़'

अतीक़ असर

बड़ा कठिन है रास्ता जो आ सको तो साथ दो

अता शाद

सरमाया-दारी

असरार-उल-हक़ मजाज़

फिर कोई ताज़ा-सितम वो सितम-ईजाद करे

असरा रिज़वी

कट गईं सारी पतंगें डोर से

असलम हबीब

हर शख़्स इस हुजूम में तन्हा दिखाई दे

असलम अंसारी

गुबार-ए-एहसास-ए-पेश-ओ-पस की अगर ये बारीक तह हटाएँ

असलम अंसारी

अपनी सदा की गूँज ही तुझ को डरा न दे

असलम अंसारी

अपनी हालत पे आँसू बहाने लगे

आसिमा ताहिर

ग़लत-रवी को तिरी मैं ग़लत समझता हूँ

आसिम वास्ती

गुज़र चुका है जो लम्हा वो इर्तिक़ा में है

आसिम वास्ती

मर गया ग़म में तिरे हाए में रोता रोता

आसिफ़ुद्दौला

जिस दिन से यार मुझ से वो शोख़ आश्ना हुआ

आसिफ़ुद्दौला

हम ने क़िस्सा बहुत कहा दिल का

आसिफ़ुद्दौला

ग़ैर पर लुत्फ़ करे हम पे सितम या क़िस्मत

आसिफ़ुद्दौला

दिल दिया जी दिया ख़फ़ा न किया

आसिफ़ुद्दौला

दाम-ए-उल्फ़त में फँसा दिल हाए दिल अफ़्सोस दिल

आसिफ़ुद्दौला

बिस्मिल किसी को रखना रस्म-ए-वफ़ा नहीं है

आसिफ़ुद्दौला

ज़िंदगी में तुझ को पाना आज तक भूला नहीं

अासिफ़ा ज़मानी