ख्वाब Poetry (page 19)
कभी जो आँखों के आ गया आफ़्ताब आगे
हसन अब्बासी
धड़कती क़ुर्बतों के ख़्वाब से जागे तो जाना
हसन अब्बास रज़ा
आँखों से ख़्वाब दिल से तमन्ना तमाम-शुद
हसन अब्बास रज़ा
सीने की ख़ानक़ाह में आने नहीं दिया
हसन अब्बास रज़ा
मैं तलाश में किसी और की मुझे ढूँढता कोई और है
हसन अब्बास रज़ा
हम परियों के चाहने वाले ख़्वाब में देखें परियाँ
हसन अब्बास रज़ा
हमें तो ख़्वाहिश-ए-दुनिया ने रुस्वा कर दिया है
हसन अब्बास रज़ा
एक बे-नाम सा डर सीने में आ बैठा है
हसन अब्बास रज़ा
आँखों से ख़्वाब दिल से तमन्ना तमाम-शुद
हसन अब्बास रज़ा
वक़्त अजीब चीज़ है वक़्त के साथ ढल गए
हसन आबिद
थे वो क़िस्से मगर सराब के थे
हसन आबिद
गुल हुए चाक-गरेबाँ सर-ए-गुलज़ार ऐ दिल
हसन आबिद
अली-मोहसिन एम.बी.ए, ख़ालिद-बिन-वलीद रोड
हारिस ख़लीक़
आवाज़
हारिस ख़लीक़
शैख़ ओ पंडित धर्म और इस्लाम की बातें करें
हरी चंद अख़्तर
क़दम क़दम है अंधा मोड़
हरबंस तसव्वुर
ख़ामुशी से सवाल मेरा था
हरबंस तसव्वुर
फिर उन की याद के दीपक जलाए हैं मैं ने
हरबंस लाल अनेजा 'जमाल'
जितने क़रीं तुम आए
हरबंस लाल अनेजा 'जमाल'
बहार आई है सदमे से हमारा हाल अबतर है
हक़ीर
रंग ये है अब हमारे इश्क़ की तासीर का
हेंसन रेहानी
कशाँ कशाँ लिए जाता है कू-ए-यार मुझे
हंस राज सचदेव 'हज़ीं'
जिन का यक़ीन राह-ए-सुकूँ की असास है
हनीफ़ तरीन
''जब तर्सील बटन तक पहुँची''
हनीफ़ तरीन
''दीवानों का नाम अबद तक होता है''
हनीफ़ तरीन
उस के गुलाबी होंट तो रस में बसे लगे
हनीफ़ तरीन
किस के ख़याल ने मुझे शोरीदा कर दिया
हनीफ़ तरीन
रात के दर पे ये दस्तक ये मुसलसल दस्तक
हनीफ़ फ़ौक़
रात ढलते ही सफ़ीरान-ए-क़मर आते हैं
हनीफ़ फ़ौक़
आह-ओ-फ़रियाद से मा'मूर चमन है कि जो था
हनीफ़ फ़ौक़