ख्वाब Poetry (page 44)

नुसख़ा-ए-उल्फ़त मेरा

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

निसार मैं तेरी गलियों के

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

मेरे नदीम!

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

मेरे मिलने वाले

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

मंज़र

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

मदह

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

लेनिन-ग्राड का गोरिस्तान

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

ख़ुदा वो वक़्त न लाए

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

इस वक़्त तो यूँ लगता है

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

इंतिज़ार

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

हम तो मजबूर-ए-वफ़ा हैं

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

हम लोग

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

हिज्र की राख और विसाल के फूल

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

फलस्तीनी बच्चे के लिए लोरी

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

एक रह-गुज़र पर

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

एक मंज़र

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

दो इश्क़

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

दर-ए-उमीद के दरयूज़ा-गर

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

बहार आई

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

आज शब कोई नहीं है

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

आज इक हर्फ़ को फिर ढूँडता फिरता है ख़याल

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

वो बुतों ने डाले हैं वसवसे कि दिलों से ख़ौफ़-ए-ख़ुदा गया

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

वो अहद-ए-ग़म की काहिश-हा-ए-बे-हासिल को क्या समझे

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

तेरी सूरत जो दिल-नशीं की है

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

शाम-ए-फ़िराक़ अब न पूछ आई और आ के टल गई

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

सब क़त्ल हो के तेरे मुक़ाबिल से आए हैं

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

रंग पैराहन का ख़ुशबू ज़ुल्फ़ लहराने का नाम

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

रह-ए-ख़िज़ाँ में तलाश-ए-बहार करते रहे

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

कुछ दिन से इंतिज़ार-ए-सवाल-ए-दिगर में है

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

किए आरज़ू से पैमाँ जो मआल तक न पहुँचे

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़