ख्वाब Poetry (page 7)
वो तबस्सुम था जहाँ शायद वहीं पर रह गया
इम्तियाज़ अहमद
तिरी फ़ुज़ूल बंदगी बना न दे ख़ुदा मुझे
इम्तियाज़ अहमद
ताराज ख़्वाहिशों का मुदावा न हो सका
इम्तियाज़ अहमद
हम न दुनिया के हैं न दीं के हैं
इमरान-उल-हक़ चौहान
सितारे सब मिरे महताब मेरे
इमरान शनावर
पहली सिगरेट पहला ख़्वाब और पहला इश्क़
इमरान शमशाद
सूदी बेगम
इमरान शमशाद
ये ग़लत है ये साल ठीक नहीं
इमरान शमशाद
शोर में इर्तिकाज़ मिलता है
इमरान शमशाद
जल कर जिस ने जल को देखा
इमरान शमशाद
इन मकानों से बहुत दूर बहुत दूर कहीं
इमरान शमशाद
मैं शजर हूँ और इक पत्ता है तू
इमरान हुसैन आज़ाद
ख़ुदा तू इतनी भी महरूमियाँ न तारी रख
इमरान हुसैन आज़ाद
आसमाँ मिल न सका धरती पे आया न गया
इमरान हुसैन आज़ाद
ज़ख़्म अब तक वही सीने में लिए फिरता हूँ
इमरान आमी
परिंदा आइने से क्या लड़ेगा
इमरान आमी
कुछ एहतिमाम न था शाम-ए-ग़म मनाने को
इमरान आमी
कोई मजनूँ कोई फ़रहाद बना फिरता है
इमरान आमी
क्यूँ देखिए न हुस्न-ए-ख़ुदा-दाद की तरफ़
इम्दाद इमाम असर
किसी का दिल को रहा इंतिज़ार सारी रात
इम्दाद इमाम असर
अफ़्सोस उम्र कट गई रंज-ओ-मलाल में
इमदाद अली बहर
वो रश्क-ए-मेहर-ओ-क़मर घात पर नहीं आता
इमदाद अली बहर
तारे गिनते रात कटती ही नहीं आती है नींद
इमदाद अली बहर
मैं सियह-रू अपने ख़ालिक़ से जो ने'मत माँगता
इमदाद अली बहर
किया सलाम जो साक़ी से हम ने जाम लिया
इमदाद अली बहर
ख़ूब-रूयान-ए-जहाँ चाँद की तनवीरें हैं
इमदाद अली बहर
ख़ूब-रू सब हैं मगर हूरा-शमाइल एक है
इमदाद अली बहर
जब कि सर पर वबाल आता है
इमदाद अली बहर
गया सब अंदोह अपने दिल का थमे अब आँसू क़रार आया
इमदाद अली बहर
फ़ुर्क़त की आफ़त बुरे दिन काटना साल है
इमदाद अली बहर