Friendship Poetry (page 78)
फ़स्ल-ए-गुल फ़स्ल-ए-ख़िज़ाँ जो भी हो ख़ुश-दिल रहिए
अली सरदार जाफ़री
आँधियाँ चलती रहें अफ़्लाक थर्राते रहे
अली सरदार जाफ़री
आए हम 'ग़ालिब'-ओ-'इक़बाल' के नग़्मात के बा'द
अली सरदार जाफ़री
मुख़ासिमत
अली साहिल
मस्लहत
अली साहिल
इक तुर्फ़ा तमाशा सर-ए-बाज़ार बनेगा
अली मुतहर अशअर
ये दुश्मनी है साक़ी या दोस्ती है साक़ी
अली जव्वाद ज़ैदी
मोनिस-ए-शब रफ़ीक़-ए-तन्हाई
अली जव्वाद ज़ैदी
ज़ुल्मत-कदों में कल जो शुआ-ए-सहर गई
अली जव्वाद ज़ैदी
ज़र्रा-ए-ना-तापीदा की ख़्वाहिश-ए-आफ़ताब क्या
अली जव्वाद ज़ैदी
उफ़ वो इक हर्फ़-ए-तमन्ना जो हमारे दिल में था
अली जव्वाद ज़ैदी
तिरे दयार में कोई ग़म-आश्ना तो नहीं
अली जव्वाद ज़ैदी
राह-ए-उल्फ़त में मिले ऐसे भी दीवाने मुझे
अली जव्वाद ज़ैदी
कम-ज़र्फ़ एहतियात की मंज़िल से आए हैं
अली जव्वाद ज़ैदी
जो मक़्सद गिर्या-ए-पैहम का है वो हम समझते हैं
अली जव्वाद ज़ैदी
आँखों में अश्क भर के मुझ से नज़र मिला के
अली जव्वाद ज़ैदी
आँख कुछ बे-सबब ही नम तो नहीं
अली जव्वाद ज़ैदी
पूछते हो तुम मैं कब कर के दिखलाऊँगा
अली इमरान
इतनी बार मोहब्बत करना कितना मुश्किल हो जाता है
अली इमरान
बारिश के घनघोर हवाले गिनता रहता हूँ
अली इमरान
ख़्वाब इक परिंदा है
अली असग़र अब्बास
सुर्मा हो या तारा
अली अकबर नातिक़
सफ़ीर-ए-लैला-4
अली अकबर नातिक़
सफ़ीर-ए-लैला-3
अली अकबर नातिक़
मुसीबत की ख़बरें
अली अकबर नातिक़
बे-यक़ीन बस्तियाँ
अली अकबर नातिक़
मैं अपने वक़्त में अपनी रिदा में रहता हूँ
अली अकबर अब्बास
मुझे तो इंतिज़ार-ए-इश्क़ में ही लुत्फ़ आता है
अलीना इतरत
वो अर्ज़-ए-ग़म पे मश्वरा-ए-इख़्तिसार दे
अलीम उस्मानी
देती हैं थपकियाँ तिरी परछाइयाँ मुझे
अलीम उस्मानी