Hope Poetry (page 128)

है नींद अभी आँख में पल भर में नहीं है

आसिम वास्ती

है मुस्तक़िल यही एहसास कुछ कमी सी है

आसिम वास्ती

गुज़र चुका है जो लम्हा वो इर्तिक़ा में है

आसिम वास्ती

एक आँसू में तिरे ग़म का अहाता करते

आसिम वास्ती

दामन-ए-गुल में कहीं ख़ार छुपा देखते हैं

आसिम वास्ती

बनाई है तिरी तस्वीर मैं ने डरते हुए

आसिम वास्ती

तालिब हो वहाँ आन के क्या कोई सनम का

आसिफ़ुद्दौला

सीने में दाग़ है तपिश-ए-इंतिज़ार का

आसिफ़ुद्दौला

मिलने को तुझ से दिल तो मिरा बे-क़रार है

आसिफ़ुद्दौला

क्या फ़ाश करूँ ग़म-ए-निहाँ को

आसिफ़ुद्दौला

जिस दम तिरे कूचे से हम आन निकलते हैं

आसिफ़ुद्दौला

जब से मेरे दिल में आ कर इश्क़ का थाना हुआ

आसिफ़ुद्दौला

दाम-ए-उल्फ़त में फँसा दिल हाए दिल अफ़्सोस दिल

आसिफ़ुद्दौला

आता है तेग़ हाथ में वो जंग-जू लिए

आसिफ़ुद्दौला

घर को कैसा भी तुम सजा रखना

अासिफ़ा ज़मानी

क्या ज़रूरी है शाएरी की जाए

अासिफ़ा निशात

अपना घर बाज़ार में क्यूँ रख दिया

अासिफ़ा निशात

उम्र सारी तिरी चाहत में बितानी पड़ जाए

अासिफ़ शफ़ी

राह-ए-जुनूँ पे चल परे जीना मुहाल कर लिया

अासिफ़ शफ़ी

जमाल-ए-यार को तस्वीर करने वाले थे

अासिफ़ शफ़ी

फ़लक को किस ने इक परकार पर रक्खा हुआ है

अासिफ़ शफ़ी

सीने के बीच 'साक़िब' ऐसा है मरना जीना

अासिफ़ साक़िब

ओझल हुई नज़र से बे-बाल-ओ-पर गई है

अासिफ़ साक़िब

दिल की मौजों की तड़प मेरी सदा में आए

अासिफ़ साक़िब

बज़्म-ए-सुख़न को आप की दिल-गीर चल पड़े

अासिफ़ साक़िब

तलाश

आसिफ़ रज़ा

शायद

आसिफ़ रज़ा

राज़

आसिफ़ रज़ा

दूर की शहज़ादी

आसिफ़ रज़ा

ख़ुदा से मशवरा माँगा है तेरे बारे में

अासिफ़ रशीद असजद