Love Poetry (page 158)
सरोश
एजाज़ फ़ारूक़ी
मैं
एजाज़ फ़ारूक़ी
कतबा
एजाज़ फ़ारूक़ी
हर्फ़
एजाज़ फ़ारूक़ी
चुप
एजाज़ फ़ारूक़ी
अपना अपना रंग
एजाज़ फ़ारूक़ी
रौशनी को तीरगी का क़हर बन कर ले गया
एजाज़ अासिफ़
फूलों से होगी धूल जुदा देखते रहो
एजाज़ अासिफ़
नवेद-ए-यौम-ए-बहाराँ ख़िज़ाँ से ज़ाहिर हो
एजाज़ अासिफ़
किए हैं मुझ पे जो एहसाँ जता नहीं सकता
एजाज़ अासिफ़
किस दिल से हम इरादा-ए-तर्क-ए-जुनूँ करें
एजाज़ अासिफ़
हर एक शय की हक़ीक़त से बा-ख़बर देखूँ
एजाज़ अासिफ़
बे-नियाज़-ए-सौत-ओ-महरूम-ए-बयाँ रक्खा गया
एजाज़ अासिफ़
आ गया ईसार मेरे हल्क़ा-ए-अहबाब में
एजाज़ अासिफ़
क़ब्रों में नहीं हम को किताबों में उतारो
एजाज तवक्कल
बहती हुई आँखों की रवानी में मरे हैं
एजाज तवक्कल
बहती हुई आँखों की रवानी में मरे हैं
एजाज तवक्कल
तन्हाई का रोग न पाल
एजाज़ तालिब
ख़ुद को जब लग गई नज़र अपनी
एजाज़ तालिब
मेरी मौत के मसीहा!
एजाज़ अहमद एजाज़
फ़ासलों की बात
एजाज़ अहमद एजाज़
चाँद
एजाज़ अहमद एजाज़
हुस्न की रीतें इश्क़ की रस्में छोटे बच्चे क्या जानें
एजाज़ अहमद एजाज़
चले थे घर से तो हम दर्द की दवा के लिए
एजाज़ अहमद एजाज़
तुझे भी हुस्न-ए-मुत्लक़ का अभी दीदार हो जाए
अहया भोजपुरी
कितना कमज़ोर है ईमान पता लगता है
अहया भोजपुरी
जब कभी दर्द की तस्वीर बनाने निकले
अहया भोजपुरी
ऐ काश हो बरसात ज़रा और ज़रा और
अहया भोजपुरी
तिरे बदन की नज़ाकतों का हुआ है जब हम-रिकाब मौसम
एहतिशामुल हक़ सिद्दीक़ी
शुऊर-ए-नौ-उम्र हूँ न मुझ को मता-ए-रंज-ओ-मलाल देना
एहतिशामुल हक़ सिद्दीक़ी