Love Poetry (page 290)

गले में हाथ थे शब उस परी से राहें थीं

अमीर मीनाई

फ़िराक़-ए-यार ने बेचैन मुझ को रात भर रक्खा

अमीर मीनाई

दिल जुदा माल जुदा जान जुदा लेते हैं

अमीर मीनाई

चाँद सा चेहरा नूर की चितवन माशा-अल्लाह माशा-अल्लाह

अमीर मीनाई

बात करने में तो जाती है मुलाक़ात की रात

अमीर मीनाई

अमीर लाख इधर से उधर ज़माना हुआ

अमीर मीनाई

ऐ ज़ब्त देख इश्क़ की उन को ख़बर न हो

अमीर मीनाई

अच्छे ईसा हो मरीज़ों का ख़याल अच्छा है

अमीर मीनाई

ज़े-हाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल दुराय नैनाँ बनाए बतियाँ

अमीर ख़ुसरो

ये कार-ए-ज़िंदगी था तो करना पड़ा मुझे

अमीर इमाम

इस बार राह-ए-इश्क़ कुछ इतनी तवील थी

अमीर इमाम

ये कार-ए-ज़िंदगी था तो करना पड़ा मुझे

अमीर इमाम

वो मारका कि आज भी सर हो नहीं सका

अमीर इमाम

ख़ुद को हर आरज़ू के उस पार कर लिया है

अमीर इमाम

काँधों से ज़िंदगी को उतरने नहीं दिया

अमीर इमाम

कभी तो बनते हुए और कभी बिगड़ते हुए

अमीर इमाम

छुप जाता है फिर सूरज जिस वक़्त निकलता है

अमीर इमाम

बन के साया ही सही सात तो होती होगी

अमीर इमाम

अब इस जहान-ए-बरहना का इस्तिआरा हुआ

अमीर इमाम

शाइ'र की दुनिया

अमीर औरंगाबादी

ख़त का इंतिज़ार

अमीर औरंगाबादी

कौन कहता है सर-ए-अर्श-ए-बरीं रहता है

अमीर अहमद ख़ुसरव

इस दौर से ख़ुलूस मोहब्बत वफ़ा न माँग

अमीर अहमद ख़ुसरव

दोनों का मिलना मुश्किल है दोनों हैं मजबूर बहुत

अमीक़ हनफ़ी

दिल में दुख आँखों में नमी आसमाँ पर घटाएँ

अमीक़ हनफ़ी

तुम और हम

अमीक़ हनफ़ी

तअल्लुक़ तोड़ने वाले

अमीक़ हनफ़ी

तज्दीद

अमीक़ हनफ़ी

पस-ए-दीवार-ए-शब

अमीक़ हनफ़ी

परेशानी-ए-दीद

अमीक़ हनफ़ी