Sad Poetry (page 253)

वो जिस के नाम में लज़्ज़त बहुत है

अंजुम बाराबंकवी

कुछ तो नया किया है हवा ने पता करो

अंजुम बाराबंकवी

हम सब को बताते रहते हैं ये बात पुरानी काम की है

अंजुम बाराबंकवी

दिलों से ख़ौफ़ के आसेब-ओ-जिन निकालता है

अंजुम बाराबंकवी

दिल का गुलाब मैं ने जिसे चूम कर दिया

अंजुम बाराबंकवी

कोई तो ख़ैर का पहलू भी निकले

अंजुम आज़मी

ना-उमीदी कुफ़्र है

अंजुम आज़मी

जो शब भर आँसुओं से तर रहेगा

अंजुम आज़मी

हम से क्या ख़ाक के ज़र्रों ही से पूछा होता

अंजुम आज़मी

फ़रेब ग़म ही सही दिल ने आरज़ू कर ली

अंजुम आज़मी

एक सौदा है लज़्ज़त-ए-ग़म है

अंजुम आज़मी

आलम-ए-वहशत-ए-तन्हाई है कुछ और नहीं

अंजुम आज़मी

हूर-ओ-ग़िल्माँ के तलबगार से वाक़िफ़ मैं हूँ

अंजुम अज़ीमाबादी

बनाए सब ने इसी ख़ाक से दिए अपने

अंजुम अंसारी

अनजाने ख़्वाब की ख़ातिर क्यूँ चैन गँवाया

अंजुम अंसारी

ज़माने भर का जो फ़ित्ना रहा था

अनजुम अब्बासी

रोज़ अख़बार में छप जाने से मिलता क्या है

अनजुम अब्बासी

तीर बरसे कभी ख़ंजर आए

अंजना संधीर

दयार-ए-इश्क़ में तन्हा रहा नहीं हरगिज़

अनीसा बेगम

बहाए शबनम ने अश्क पैहम नसीम भरती है सर्द आहें

अनीसा बेगम

माल-ए-दुनिया तलाश करना है

अनीस अब्र

लगा के दिल कोई कुछ पल अमीर रहता है

अनीस अब्र

लफ़्ज़ यूँ ख़ामुशी से लड़ते हैं

अनीस अब्र

हर एक पल मुझे दुख दर्द बे-शुमार मिले

अनीस अब्र

दीदा-ए-तर में कौन रहेगा

अनीस अब्र

ख़ामोशी का शहर

अनीस नागी

एक नज़्म

अनीस नागी

एक नज़्म

अनीस नागी

नक़ाब उल्टा है शम्ओं' ने सितारो तुम तो सो जाओ

अनीस कैफ़ी

ये ख़ाना हमेशा से वीरान है

अनीस अशफ़ाक़