Sad Poetry (page 276)

प्यास भी एक समंदर है

अली सरदार जाफ़री

नींद

अली सरदार जाफ़री

मेरे ख़्वाब

अली सरदार जाफ़री

मिरे अज़ीज़ो, मिरे रफ़ीक़ो

अली सरदार जाफ़री

लहू पुकारता है

अली सरदार जाफ़री

इन्फ़िरादियत

अली सरदार जाफ़री

हाथों का तराना

अली सरदार जाफ़री

गुफ़्तुगू (हिन्द पाक दोस्ती के नाम)

अली सरदार जाफ़री

फ़रेब

अली सरदार जाफ़री

एक ख़्वाब और

अली सरदार जाफ़री

दोस्ती का हाथ

अली सरदार जाफ़री

दो चराग़

अली सरदार जाफ़री

चाँद को रुख़्सत कर दो

अली सरदार जाफ़री

बहुत क़रीब हो तुम

अली सरदार जाफ़री

अब भी रौशन हैं

अली सरदार जाफ़री

ज़ुल्म की कुछ मीआ'द नहीं है

अली सरदार जाफ़री

ये बेकस-ओ-बेक़रार चेहरे

अली सरदार जाफ़री

याद आए हैं अहद-ए-जुनूँ के खोए हुए दिल-दार बहुत

अली सरदार जाफ़री

याद आए हैं अहद-ए-जुनूँ के खोए हुए दिलदार बहुत

अली सरदार जाफ़री

वुफ़ूर-ए-शौक़ की रंगीं हिकायतें मत पूछ

अली सरदार जाफ़री

वो मिरी दोस्त वो हमदर्द वो ग़म-ख़्वार आँखें

अली सरदार जाफ़री

वतन से दूर यारान-ए-वतन की याद आती है

अली सरदार जाफ़री

वही हुस्न-ए-यार में है वही लाला-ज़ार में है

अली सरदार जाफ़री

वही है वहशत वही है नफ़रत आख़िर इस का क्या है सबब

अली सरदार जाफ़री

उलझे काँटों से कि खेले गुल-ए-तर से पहले

अली सरदार जाफ़री

तुम्हारे ए'जाज़-ए-हुस्न की मेरे दिल पे लाखों इनायतें हैं

अली सरदार जाफ़री

तख़्लीक़ पे फ़ितरत की गुज़रता है गुमाँ और

अली सरदार जाफ़री

सितारों के पयाम आए बहारों के सलाम आए

अली सरदार जाफ़री

शाख़-ए-गुल है कि ये तलवार खिंची है यारो

अली सरदार जाफ़री

मस्ती-ए-रिंदाना हम सैराबी-ए-मय-ख़ाना हम

अली सरदार जाफ़री