Sad Poetry (page 277)

लू के मौसम में बहारों की हवा माँगते हैं

अली सरदार जाफ़री

लग़्ज़िश-ए-गाम लिए लग़्ज़िश-ए-मस्ताना लिए

अली सरदार जाफ़री

कितनी आशाओं की लाशें सूखें दिल के आँगन में

अली सरदार जाफ़री

ख़ूगर-ए-रू-ए-ख़ुश-जमाल हैं हम

अली सरदार जाफ़री

ख़िरद वालो जुनूँ वालों के वीरानों में आ जाओ

अली सरदार जाफ़री

कभी ख़ंदाँ कभी गिर्यां कभी रक़सा चलिए

अली सरदार जाफ़री

काम अब कोई न आएगा बस इक दिल के सिवा

अली सरदार जाफ़री

इश्क़ का नग़्मा जुनूँ के साज़ पर गाते हैं हम

अली सरदार जाफ़री

फ़रोग़-ए-दीदा-ओ-दिल लाला-ए-सहर की तरह

अली सरदार जाफ़री

फ़रोग़-ए-दीदा-ओ-दिल लाला-ए-सहर की तरह

अली सरदार जाफ़री

दिल की आग जवानी के रुख़्सारों को दहकाए है

अली सरदार जाफ़री

चश्मा-ए-बद-मस्त को फिर शेवा-ए-दिल-दारी दे

अली सरदार जाफ़री

अक़ीदे बुझ रहे हैं शम-ए-जाँ गुल होती जाती है

अली सरदार जाफ़री

अक़ीदे बुझ रहे हैं शम-ए-जाँ ग़ुल होती जाती है

अली सरदार जाफ़री

अभी और तेज़ कर ले सर-ए-ख़ंजर-ए-अदा को

अली सरदार जाफ़री

पुर्सा

अली साहिल

मुकालिमा

अली साहिल

गुड-नाइट

अली साहिल

ए'तिबार

अली साहिल

दस्तक

अली साहिल

मेरी इम्लाक समझ बे-सर-ओ-सामानी को

अली मुज़म्मिल

ख़सारा-दर-ख़सारा कर लिया जाए

अली मुज़म्मिल

दर-ए-शही से दर-ए-गदाई पे आ गया हूँ

अली मुज़म्मिल

उसी के लिए

अली मोहम्मद फ़र्शी

टूटम टूट गया

अली मोहम्मद फ़र्शी

सत्तर माओं का प्यार

अली मोहम्मद फ़र्शी

गुनाह

अली मोहम्मद फ़र्शी

दाओ

अली मोहम्मद फ़र्शी

ऐन

अली मोहम्मद फ़र्शी

मेहमान-दारी

अली मंज़ूर हैदराबादी