Sad Poetry (page 355)

तकलीफ़ मिट गई मगर एहसास रह गया

अब्दुल हमीद अदम

तही सा जाम तो था गिर के बह गया होगा

अब्दुल हमीद अदम

सो के जब वो निगार उठता है

अब्दुल हमीद अदम

सितारों के आगे जो आबादियाँ हैं

अब्दुल हमीद अदम

साक़ी शराब ला कि तबीअ'त उदास है

अब्दुल हमीद अदम

मुस्कुरा कर ख़िताब करते हो

अब्दुल हमीद अदम

मुश्किल ये आ पड़ी है कि गर्दिश में जाम है

अब्दुल हमीद अदम

मोहतात ओ होशियार तो बे-इंतिहा हूँ मैं

अब्दुल हमीद अदम

मिरा इख़्लास भी इक वज्ह-ए-दिल-आज़ारी है

अब्दुल हमीद अदम

मय-कदा था चाँदनी थी मैं न था

अब्दुल हमीद अदम

खुली वो ज़ुल्फ़ तो पहली हसीन रात हुई

अब्दुल हमीद अदम

कश्ती चला रहा है मगर किस अदा के साथ

अब्दुल हमीद अदम

जो भी तेरे फ़क़ीर होते हैं

अब्दुल हमीद अदम

जिस वक़्त भी मौज़ूँ सी कोई बात हुई है

अब्दुल हमीद अदम

जब तिरे नैन मुस्कुराते हैं

अब्दुल हमीद अदम

इतना तो दोस्ती का सिला दीजिए मुझे

अब्दुल हमीद अदम

हम ने हसरतों के दाग़ आँसुओं से धो लिए

अब्दुल हमीद अदम

हवा सनके ख़ारों की बड़ी तकलीफ़ होती है

अब्दुल हमीद अदम

हँस हँस के जाम जाम को छलका के पी गया

अब्दुल हमीद अदम

गो तिरी ज़ुल्फ़ों का ज़िंदानी हूँ मैं

अब्दुल हमीद अदम

गिरते हैं लोग गर्मी-ए-बाज़ार देख कर

अब्दुल हमीद अदम

ग़म-ए-मोहब्बत सता रहा है ग़म-ए-ज़माना मसल रहा है

अब्दुल हमीद अदम

फ़क़ीर किस दर्जा शादमाँ थे हुज़ूर को कुछ तो याद होगा

अब्दुल हमीद अदम

दुआएँ दे के जो दुश्नाम लेते रहते हैं

अब्दुल हमीद अदम

दिल को दिल से काम रहेगा

अब्दुल हमीद अदम

दिल है बड़ी ख़ुशी से इसे पाएमाल कर

अब्दुल हमीद अदम

दिल डूब न जाएँ प्यासों के तकलीफ़ ज़रा फ़रमा देना

अब्दुल हमीद अदम

देख कर दिल-कशी ज़माने की

अब्दुल हमीद अदम

दरोग़ के इम्तिहाँ-कदे में सदा यही कारोबार होगा

अब्दुल हमीद अदम

भूली-बिसरी बातों से क्या तश्कील-ए-रूदाद करें

अब्दुल हमीद अदम