Sad Poetry (page 357)
ज़ाहिरन मौत है क़ज़ा है इश्क़
अब्दुल ग़फ़ूर नस्साख़
ज़ाहिरन मौत है क़ज़ा है इश्क़
अब्दुल ग़फ़ूर नस्साख़
पीरी में शौक़ हौसला-फ़रसा नहीं रहा
अब्दुल ग़फ़ूर नस्साख़
ज़मीं-नज़ाद हैं लेकिन ज़माँ में रहते हैं
अब्दुल अज़ीज़ ख़ालिद
ताकीद करो ज़मज़मा-संजान-ए-चमन को
अब्दुल अज़ीज़ ख़ालिद
क़ुर्ब नस नस में आग भरता है
अब्दुल अज़ीज़ ख़ालिद
फूली है शफ़क़ गो कि अभी शाम नहीं है
अब्दुल अज़ीज़ ख़ालिद
नख़चीर हूँ मैं कश्मकश-ए-फ़िक्र-ओ-नज़र का
अब्दुल अज़ीज़ ख़ालिद
हों क्यूँ न मुन्कशिफ़ असरार पस्त-ओ-बाला के
अब्दुल अज़ीज़ ख़ालिद
और भी कितने तरीक़े हैं बयान-ए-ग़म के
अब्दुल अज़ीज़ फ़ितरत
मिरी मैं जश्न-ए-शब-ए-मुनव्वर
अब्दुल अज़ीज़ फ़ितरत
ग़ुंचे का जवाब हो गया है
अब्दुल अज़ीज़ फ़ितरत
अपनी नाकाम तमन्नाओं का मातम न करो
अब्दुल अज़ीज़ फ़ितरत
उस से उम्मीद-ए-वफ़ा ऐ दिल-ए-नाशाद न कर
अब्दुल अलीम आसि
जबीन-ए-शौक़ को कुछ और भी इज़्न-ए-सआदत दे
अब्दुल अलीम आसि
अपनी हस्ती से था ख़ुद मैं बद-गुमाँ कल रात को
अब्दुल अलीम आसि
शेर अच्छे भी कहो सच भी कहो कम भी कहो
अब्दुल अहद साज़
नींद मिट्टी की महक सब्ज़े की ठंडक
अब्दुल अहद साज़
नेक गुज़रे मिरी शब सिद्क़-ए-बदन से तेरे
अब्दुल अहद साज़
नज़र की मौत इक ताज़ा अलमिया
अब्दुल अहद साज़
मिरी रफ़ीक़-ए-नफ़्स मौत तेरी उम्र दराज़
अब्दुल अहद साज़
अब आ के क़लम के पहलू में सो जाती हैं बे-कैफ़ी से
अब्दुल अहद साज़
ज़ियारत
अब्दुल अहद साज़
शख़्सिय्यत की मौसीक़ी
अब्दुल अहद साज़
क़ौस-ए-क़ुज़ह
अब्दुल अहद साज़
फीकी ज़र्द दोपहर
अब्दुल अहद साज़
पस-ए-तक़रीब-ए-मुलाक़ात
अब्दुल अहद साज़
नानी-अमाँ की वफ़ात पर एक नज़्म
अब्दुल अहद साज़
ना-काम कोशिश
अब्दुल अहद साज़
मुतज़ाद ज़ाविए
अब्दुल अहद साज़