Ghazal Poetry (page 107)

रंज-ए-दुनिया हो कि रंज-ए-आशिक़ी क्या देखना

सय्यद अमीन अशरफ़

पेच-दर-पेच सवालात में उलझे हुए हैं

सय्यद अमीन अशरफ़

न जाने रौज़न-ए-दीवार क्या जादू जगाता है

सय्यद अमीन अशरफ़

न जाने जाए कहाँ तक ये सिलसिला दिल का

सय्यद अमीन अशरफ़

मुनव्वर और मुबहम इस्तिआरे देख लेता हूँ

सय्यद अमीन अशरफ़

मलाल-ए-ग़ुंचा-ए-तर जाएगा कभी न कभी

सय्यद अमीन अशरफ़

लरज़ रहा था फ़लक अर्ज़-ए-हाल ऐसा था

सय्यद अमीन अशरफ़

किसी ख़याल की रौ में था मुस्कुराते हुए

सय्यद अमीन अशरफ़

ख़िरद ऐ बे-ख़बर कुछ भी नहीं है

सय्यद अमीन अशरफ़

ख़याल है कि हक़ीक़त है या फ़साना है

सय्यद अमीन अशरफ़

ख़ाकसारों से क़रीं रहता है

सय्यद अमीन अशरफ़

कहीं शो'ला कहीं शबनम, कहीं ख़ुशबू दिल पर

सय्यद अमीन अशरफ़

जो डर अपनों से है ग़ैरों से वो डर हो नहीं सकता

सय्यद अमीन अशरफ़

जाने किस मोड़ पे दे हिज्र की सौग़ात मुझे

सय्यद अमीन अशरफ़

हल्क़ा-ए-शाम-ओ-सहर से नहीं जाने वाला

सय्यद अमीन अशरफ़

है किस के लिए लुत्फ़ ग़ज़ब किस के लिए है

सय्यद अमीन अशरफ़

है इर्तिबात-शिकन दाएरों में बट जाना

सय्यद अमीन अशरफ़

हाल-ए-दिल-ए-तबाह किसी ने सुना कहाँ

सय्यद अमीन अशरफ़

गर्दिश-ए-आब-ओ-हवा जानती है

सय्यद अमीन अशरफ़

फ़साद-ए-क़ल्ब-ओ-नज़र हासिल-ए-तमाशा देख

सय्यद अमीन अशरफ़

दिल शहर-ए-तहय्युर है कि वो मम्लिकत-आरा

सय्यद अमीन अशरफ़

दरख़्शाँ हो जो वो मह-ज़ादा-ए-शब

सय्यद अमीन अशरफ़

बे-लुत्फ़ है ये सोच कि सौदा नहीं रहा

सय्यद अमीन अशरफ़

बहार आती है लेकिन सर में वो सौदा नहीं होता

सय्यद अमीन अशरफ़

अजीब शय है तरह-दार भी तमन्ना भी

सय्यद अमीन अशरफ़

इज़्ज़त उसी की अहल-ए-नज़र की नज़र में है

सय्यद अमीर हसन मारहरवी दिलेर

इतना देखा चलते चलते

सय्यद अहसन जावेद

आदमी जब ख़ून का प्यासा हुआ

सय्यद अहसन जावेद

वो मिरा होगा ये सोचा ही नहीं

सय्यद अहमद शमीम

वो दश्त-ए-तीरगी है कि कोई सदा न दे

सय्यद अहमद शमीम