Hope Poetry (page 10)

मौसम-ए-गुल है तिरे सुर्ख़ दहन की हद तक

इमरान-उल-हक़ चौहान

कोई तो है जो आहों में असर आने नहीं देता

इमरान-उल-हक़ चौहान

अपने लहू में ज़हर भी ख़ुद घोलता हूँ मैं

इमरान-उल-हक़ चौहान

एस एम एस

इमरान शनावर

कुछ तो ऐ यार इलाज-ए-ग़म-ए-तन्हाई हो

इमरान शनावर

ठहर के देख तू इस ख़ाक से क्या क्या निकल आया

इमरान शमशाद

जल कर जिस ने जल को देखा

इमरान शमशाद

हमारी मोहब्बत नुमू से निकल कर कली बन गई थी मगर थी नुमू में

इमरान शमशाद

तुम्हारा हुस्न है यकता चलो मैं मान लेता हूँ

इमरान साग़र

तुझ को खो देने का एहसास हुआ तेरे बा'द

इमरान साग़र

मैं अपनी हैसियत से कुछ ज़ियादा ले के आया हूँ

इमरान साग़र

तलाश मैं ने ज़िंदगी में तेरी बे-शुमार की

इमरान हुसैन आज़ाद

मैं शजर हूँ और इक पत्ता है तू

इमरान हुसैन आज़ाद

मैं सारी उम्र अहद-ए-वफ़ा में लगा रहा

इमरान हुसैन आज़ाद

ख़ुदा तू इतनी भी महरूमियाँ न तारी रख

इमरान हुसैन आज़ाद

ख़िज़ाँ के होश किसी रोज़ मैं उड़ाता हुआ

इमरान हुसैन आज़ाद

दीवानगी में अपना पता पूछता हूँ मैं

इमरान हुसैन आज़ाद

मैं सच कहूँ पस-ए-दीवार झूट बोलते हैं

इमरान आमी

कुछ एहतिमाम न था शाम-ए-ग़म मनाने को

इमरान आमी

बात दिल को मिरे लगी नहीं है

इमरान आमी

रात चराग़ की महफ़िल में शामिल एक ज़माना था

इमदाद निज़ामी

तड़प तड़प के तमन्ना में करवटें बदलीं

इम्दाद इमाम असर

जब नहीं कुछ ए'तिबार-ए-ज़िंदगी

इम्दाद इमाम असर

इबादत ख़ुदा की ब-उम्मीद-ए-हूर

इम्दाद इमाम असर

तेरी जानिब से मुझ पे क्या न हुआ

इम्दाद इमाम असर

सूली चढ़े जो यार के क़द पर फ़िदा न हो

इम्दाद इमाम असर

सुब्ह-दम रोती जो तेरी बज़्म से जाती है शम्अ

इम्दाद इमाम असर

रोते हैं सुन के कहानी मेरी

इम्दाद इमाम असर

क़ैद-ए-तन से रूह है नाशाद क्या

इम्दाद इमाम असर

महफ़िल में उस पे रात जो तू मेहरबाँ न था

इम्दाद इमाम असर