Sad Poetry (page 257)

फ़ासले

अमजद इस्लाम अमजद

एक लड़की

अमजद इस्लाम अमजद

चश्म-ए-बे-ख़्वाब को सामान बहुत

अमजद इस्लाम अमजद

बुज़दिल

अमजद इस्लाम अमजद

ऐ हिज्र-ज़दा शब

अमजद इस्लाम अमजद

ऐ दिल-ए-बे-ख़बर

अमजद इस्लाम अमजद

आवाज़ के पत्थर

अमजद इस्लाम अमजद

आशोब-ए-आगही

अमजद इस्लाम अमजद

आख़िरी बोसा

अमजद इस्लाम अमजद

आबला

अमजद इस्लाम अमजद

ज़िंदगी दर्द भी दवा भी थी

अमजद इस्लाम अमजद

ज़िंदगानी जावेदानी भी नहीं

अमजद इस्लाम अमजद

ये जो हासिल हमें हर शय की फ़रावानी है

अमजद इस्लाम अमजद

ये गर्द-बाद-ए-तमन्ना में घूमते हुए दिन

अमजद इस्लाम अमजद

ये और बात है तुझ से गिला नहीं करते

अमजद इस्लाम अमजद

याद के सहरा में कुछ तो ज़िंदगी आए नज़र

अमजद इस्लाम अमजद

उस ने आहिस्ता से जब पुकारा मुझे

अमजद इस्लाम अमजद

तू नहीं तेरा इस्तिआरा नहीं

अमजद इस्लाम अमजद

तेरा ये लुत्फ़ किसी ज़ख़्म का उन्वान न हो

अमजद इस्लाम अमजद

तश्हीर अपने दर्द की हर सू कराइए

अमजद इस्लाम अमजद

तारा तारा उतर रही है रात समुंदर में

अमजद इस्लाम अमजद

सैंकड़ों ही रहनुमा हैं रास्ता कोई नहीं

अमजद इस्लाम अमजद

रात मैं इस कश्मकश में एक पल सोया नहीं

अमजद इस्लाम अमजद

पलकों की दहलीज़ पे चमका एक सितारा था

अमजद इस्लाम अमजद

न आसमाँ से न दुश्मन के ज़ोर ओ ज़र से हुआ

अमजद इस्लाम अमजद

लहू में तैरते फिरते मलाल से कुछ हैं

अमजद इस्लाम अमजद

लहू में रंग लहराने लगे हैं

अमजद इस्लाम अमजद

कितनी सरकश भी हो सर-फिरी ये हवा रखना रौशन दिया

अमजद इस्लाम अमजद

किसी की आँख में ख़ुद को तलाश करना है

अमजद इस्लाम अमजद

कान लगा कर सुनती रातें बातें करते दिन

अमजद इस्लाम अमजद