Sad Poetry (page 265)
सिगरेट जिसे सुलगता हुआ कोई छोड़ दे
अमीक़ हनफ़ी
तशन्नुज
अमीक़ हनफ़ी
तअल्लुक़ तोड़ने वाले
अमीक़ हनफ़ी
प्यासों का रिश्ता
अमीक़ हनफ़ी
पुल
अमीक़ हनफ़ी
मौत मेरी जान मौत
अमीक़ हनफ़ी
मामूल
अमीक़ हनफ़ी
ला-परवाही
अमीक़ हनफ़ी
लख़्त लख़्त
अमीक़ हनफ़ी
बम्बई रात समुंदर
अमीक़ हनफ़ी
यूँ हुआ है चाक मल्बूस-ए-यक़ीं सिलता नहीं
अमीक़ हनफ़ी
मैं हवा हूँ कहाँ वतन मेरा
अमीक़ हनफ़ी
मैं भी कब से चुप बैठा हूँ वो भी कब से चुप बैठी है
अमीक़ हनफ़ी
कहने को शम-ए-बज़्म-ए-ज़मान-ओ-मकाँ हूँ मैं
अमीक़ हनफ़ी
दिल है वीरान बयाबाँ की तरह
अमीक़ हनफ़ी
बीन हवा के हाथों में है लहरे जादू वाले हैं
अमीक़ हनफ़ी
अर्ज़-ए-मुद्दआ करते क्यूँ नहीं किया हम ने
अमीक़ हनफ़ी
'अमीक़' छेड़ ग़ज़ल ग़म की इंतिहा कब है
अमीक़ हनफ़ी
ज़ात के पर्दे से बाहर आ के भी तन्हा रहूँ
अमीन राहत चुग़ताई
मैं आइना था छुपाता किसी को क्या राहत
अमीन राहत चुग़ताई
ज़िंदगी एक सज़ा हो जैसे
अमीन राहत चुग़ताई
तीरगी ही तीरगी है बाम-ओ-दर में कौन है
अमीन राहत चुग़ताई
रोज़ जो मरता है इस को आदमी लिक्खो कभी
अमीन राहत चुग़ताई
मंज़िल-ए-शम्स-ओ-क़मर से गुज़रे
अमीन राहत चुग़ताई
क्या बताएँ कहाँ कहाँ थे फूल
अमीन राहत चुग़ताई
किसी मकाँ के दरीचे को वा तो होना था
अमीन राहत चुग़ताई
जो दुहाई दे रहा है कोई सौदाई न हो
अमीन राहत चुग़ताई
जब कोई भी ख़ाक़ान सर-ए-बाम न होगा
अमीन राहत चुग़ताई
हो सके तो दिल-ए-सद-चाक दिखाया जाए
अमीन राहत चुग़ताई
हमीं थे जान-ए-बहाराँ हमीं थे रंग-ए-तरब
अमीन राहत चुग़ताई