Sad Poetry (page 266)
देख कोह-ए-ना-रसा बन कर भरम रक्खा तिरा
अमीन राहत चुग़ताई
आज वो फूल बना हुस्न-ए-दिल-आरा देखा
अमीन राहत चुग़ताई
यूँ दिल है सर-ब-सज्दा किसी के हुज़ूर में
अमीन हज़ीं
उस ने जो ग़म किए हवाले थे
अमीन अडीराई
रख दिया मैं ने दर-ए-हुस्न पे हारा हुआ इश्क़
अमीन अडीराई
क़िस्सा-ए-ख़ाक तो कुछ ख़ाक से आगे तक था
अमीन अडीराई
इक अश्क सर-ए-शोख़ी-ए-रुख़सार में गुम है
अमीन अडीराई
ज़माना गुज़रा हवा फिर से याद आने लगा
अम्बर वसीम इलाहाबादी
फूल जैसी है कभी ये ख़ार की मानिंद है
अम्बर जोशी
ग़म-ए-उल्फ़त में डूबे थे उभरना भी ज़रूरी था
अम्बर जोशी
रेत है सूरज है वुसअत है तन्हाई
अम्बरीन सलाहुद्दीन
वहशत
अम्बरीन सलाहुद्दीन
'क़ुर्रतुल-ऐन-हैदर'
अम्बरीन सलाहुद्दीन
जंगल
अम्बरीन सलाहुद्दीन
एक कहानी
अम्बरीन सलाहुद्दीन
दस्तरस
अम्बरीन सलाहुद्दीन
उस के ध्यान की दिल में प्यास जगा ली जाए
अम्बरीन सलाहुद्दीन
रस्ता रोकती ख़ामोशी ने कौन सी बात सुनानी है
अम्बरीन सलाहुद्दीन
मिरी आँखों में मंज़र धुल रहा था
अम्बरीन सलाहुद्दीन
क्यूँ अम्बर की पहनाई में चुप की राह टटोलें
अम्बरीन सलाहुद्दीन
कोई एहसास मुकम्मल नहीं रहने देता
अम्बरीन सलाहुद्दीन
हम सितारों में तिरा अक्स ना ढलने देंगे
अम्बरीन सलाहुद्दीन
बाम से ढल चुका है आधा दिन
अम्बरीन सलाहुद्दीन
असीर-ए-ख़्वाब नई जुस्तुजू के दर खोलें
अम्बरीन सलाहुद्दीन
ज़िंदगी-भर एक ही कार-ए-हुनर करते रहे
अंबरीन हसीब अंबर
ये शो'ले आज़माना जानते हैं
अंबरीन हसीब अंबर
ये शो'ले आज़माना जानते हैं
अंबरीन हसीब अंबर
वो मसीहा न बना हम ने भी ख़्वाहिश नहीं की
अंबरीन हसीब अंबर
तुम्हारा जो सहारा हो गया है
अंबरीन हसीब अंबर
मिला भी ज़ीस्त में क्या रन्ज-ए-रह-गुज़ार से कम
अंबरीन हसीब अंबर