Sad Poetry (page 5)

गुल-बदन गुल-एज़ार आ जाओ

अहमद अली बर्क़ी आज़मी

हश्र-ए-ज़ुल्मात से दिल डरता है

महमूद शाम

कितनी शिद्दत से तुझे चाहा था

महमूद शाम

इक तेरी बे-रुख़ी से ज़माना ख़फ़ा हुआ

अर्श सिद्दीक़ी

पेश हर अहद को इक तेग़ का इम्काँ क्यूँ है

अली अकबर अब्बास

ख़ुश-शनासी का सिला कर्ब का सहरा हूँ मैं

अब्दुल्लाह कमाल

आँख हो और कोई ख़्वाब न हो

फ़ारूक़ इंजीनियर

ख़्वाबों ख़यालों की अप्सरा

दौर आफ़रीदी

कई लम्हे

फ़ैसल हाश्मी

ख़्वाहिश

हारिस ख़लीक़

बेचैनी

दौर आफ़रीदी

इस्त्री करते हुए

इमरान शनावर

ऐ लाहौर

जीलानी कामरान

यौम-ए-जम्हूर

चरख़ चिन्योटी

गाँधी के बा'द

इज़हार मलीहाबादी

ढोल वाला

बुशरा सईद

बीते हुए कल का इंतिज़ार

एहतिशाम अख्तर

दूर का सफ़र

बलराज कोमल

रिसता दर्द

ममता तिवारी

सुकून

हरबंस मुखिया

हम-ज़ाद

फ़ैसल हाश्मी

सियासी मस्लहत

ग़ौस ख़ाह मख़ाह हैदराबादी

यौम-ए-बर्क़

बिर्ज लाल रअना

सूरज की पहली किरन

अमजद इस्लाम अमजद

गुल-दान

आरिफ़ अब्दुल मतीन

बे-साया पेड़

काशिफ़ रफ़ीक़

मुक़फ़्फ़ल चुप

फ़ैसल हाश्मी

टीपू-सुल्तान

इज्तिबा रिज़वी

कल से आज तक

दौर आफ़रीदी

मसीहा

फ़ाख़िरा बतूल