हुआ Poetry (page 15)

रहता नहीं हूँ बोझ किसी पर ज़ियादा देर

ज़फ़र इक़बाल

फिर सर-ए-सुब्ह किसी दर्द के दर वा करने

ज़फ़र इक़बाल

मुस्कुराते हुए मिलता हूँ किसी से जो 'ज़फ़र'

ज़फ़र इक़बाल

मुझे कुछ भी नहीं मालूम और अंदर ही अंदर

ज़फ़र इक़बाल

मेरी सूरज से मुलाक़ात भी हो सकती है

ज़फ़र इक़बाल

मौत के साथ हुई है मिरी शादी सो 'ज़फ़र'

ज़फ़र इक़बाल

मैं डूबता जज़ीरा था मौजों की मार पर

ज़फ़र इक़बाल

मैं भी कुछ देर से बैठा हूँ निशाने पे 'ज़फ़र'

ज़फ़र इक़बाल

लगता है इतना वक़्त मिरे डूबने में क्यूँ

ज़फ़र इक़बाल

इक दूर के सफ़र पे रवाना भी हूँ 'ज़फ़र'

ज़फ़र इक़बाल

बारिश की बहुत तेज़ हवा में कहीं मुझ को

ज़फ़र इक़बाल

बात मुझ में भी कुछ इस तरह की होगी जो यहाँ

ज़फ़र इक़बाल

आँख के एक इशारे से किया गुल उस ने

ज़फ़र इक़बाल

आख़िर 'ज़फ़र' हुआ हूँ मंज़र से ख़ुद ही ग़ाएब

ज़फ़र इक़बाल

आबा तो 'ज़फ़र' नहीं थे ऐसे

ज़फ़र इक़बाल

ज़िंदा भी ख़ल्क़ में हूँ मरा भी हुआ हूँ मैं

ज़फ़र इक़बाल

ज़मीं पे एड़ी रगड़ के पानी निकालता हूँ

ज़फ़र इक़बाल

'ज़फ़र' फ़सानों कि दास्तानों में रह गए हैं

ज़फ़र इक़बाल

यूँ तो किस चीज़ की कमी है

ज़फ़र इक़बाल

यूँ तो है ज़ेर-ए-नज़र हर माजरा देखा हुआ

ज़फ़र इक़बाल

यक़ीं की ख़ाक उड़ाते गुमाँ बनाते हैं

ज़फ़र इक़बाल

वो एक तरहा से इक़रार करने आया था

ज़फ़र इक़बाल

वीराँ थी रात चाँद का पत्थर सियाह था

ज़फ़र इक़बाल

उसी से आए हैं आशोब आसमाँ वाले

ज़फ़र इक़बाल

तिलिस्म-ए-होश-रुबा में पतंग उड़ती है

ज़फ़र इक़बाल

थकना भी लाज़मी था कुछ काम करते करते

ज़फ़र इक़बाल

तिरे लबों पे अगर सुर्ख़ी-ए-वफ़ा ही नहीं

ज़फ़र इक़बाल

तक़ाज़ा हो चुकी है और तमन्ना हो रहा है

ज़फ़र इक़बाल

सोचता हूँ कि अपनी रज़ा के लिए छोड़ दूँ

ज़फ़र इक़बाल

शब भर रवाँ रही गुल-ए-महताब की महक

ज़फ़र इक़बाल

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.