ख्वाब Poetry (page 81)

ज़िंदगी

अमजद नजमी

उठ

अमजद नजमी

पेच-ओ-ताब

अमजद नजमी

उन के वा'दों का हाल क्या कहिए

अमजद नजमी

जो पूछते हैं कि ये इश्क़-ओ-आशिक़ी क्या है

अमजद नजमी

वो अभी अपने चेहरे में उतरा नहीं

अमजद इस्लाम अमजद

शिकस्त-ए-अना

अमजद इस्लाम अमजद

ख़ुद-सुपुर्दगी

अमजद इस्लाम अमजद

एक कमरा-ए-इम्तिहान में

अमजद इस्लाम अमजद

चश्म-ए-बे-ख़्वाब को सामान बहुत

अमजद इस्लाम अमजद

बुज़दिल

अमजद इस्लाम अमजद

ऐ वक़्त ज़रा थम जा

अमजद इस्लाम अमजद

ऐ हिज्र-ज़दा शब

अमजद इस्लाम अमजद

ऐ दिल-ए-बे-ख़बर

अमजद इस्लाम अमजद

आशोब-ए-आगही

अमजद इस्लाम अमजद

थे ख़्वाब एक हमारे भी और तुम्हारे भी

अमजद इस्लाम अमजद

सोच के गुम्बद में उभरी टूटती यादों की गूँज

अमजद इस्लाम अमजद

सदियाँ जिन में ज़िंदा हों वो सच भी मरने लगते हैं

अमजद इस्लाम अमजद

पलकों की दहलीज़ पे चमका एक सितारा था

अमजद इस्लाम अमजद

लहू में तैरते फिरते मलाल से कुछ हैं

अमजद इस्लाम अमजद

किसी की आँख में ख़ुद को तलाश करना है

अमजद इस्लाम अमजद

कान लगा कर सुनती रातें बातें करते दिन

अमजद इस्लाम अमजद

कमाल-ए-हुस्न है हुस्न-ए-कमाल से बाहर

अमजद इस्लाम अमजद

कहाँ आ के रुकने थे रास्ते कहाँ मोड़ था उसे भूल जा

अमजद इस्लाम अमजद

दश्त-ए-दिल में सराब ताज़ा हैं

अमजद इस्लाम अमजद

दश्त-ए-बे-आब की तरह गुज़री

अमजद इस्लाम अमजद

बस्तियों में इक सदा-ए-बे-सदा रह जाएगी

अमजद इस्लाम अमजद

बंद था दरवाज़ा भी और अगर में भी तन्हा था मैं

अमजद इस्लाम अमजद

अपने घर की खिड़की से मैं आसमान को देखूँगा

अमजद इस्लाम अमजद

अगरचे कोई भी अंधा नहीं था

अमजद इस्लाम अमजद