Heart Broken Poetry (page 120)
हज़ारों साल की थी आग मुझ में
फ़े सीन एजाज़
याद
फ़े सीन एजाज़
ख़िज़ाँ में चीनी चाय की दावत
फ़े सीन एजाज़
बटन
फ़े सीन एजाज़
अलमिया-ए-नक़्द
फ़े सीन एजाज़
एयर-होस्टेस
फ़े सीन एजाज़
या तो तारीख़ की अज़्मत से लिपट कर सो जा
फ़े सीन एजाज़
उस की हर बात ने जादू सा किया था पहले
फ़े सीन एजाज़
उम्र भर एक सी उलझन तो नहीं बन सकते
फ़े सीन एजाज़
समुंदर सर पटक कर मर रहा था
फ़े सीन एजाज़
मिरे घर की ईंटें चुरा ले गया वो
फ़े सीन एजाज़
ख़र्च जब हो गई जज़्बों की रक़म आप ही आप
फ़े सीन एजाज़
ग़म दुनिया के याद जब आएँ उस की याद भी आने दो
फ़े सीन एजाज़
अच्छी-ख़ासी रुस्वाई का सबब होती है
फ़े सीन एजाज़
आँख और नींद के रिश्ते मुझे वापस कर दे
फ़े सीन एजाज़
आइने रूप चुरा लेंगे उधर मत देखो
फ़े सीन एजाज़
जो पलकों से गिर जाए आँसू का क़तरा
फ़व्वाद अहमद
उस की गली में ज़र्फ़ से बढ़ कर मिला मुझे
फ़व्वाद अहमद
तुम्हारे लिए मुस्कुराती सहर है
फ़व्वाद अहमद
हवा ने छीन लिया आ के मेरे होंटों से
फ़व्वाद अहमद
हमारे दिल की बजा दी है उस ने ईंट से ईंट
फ़व्वाद अहमद
मैं बोली तेरे लब पर है हँसी मेरी
फ़ौज़िया रबाब
क्यूँ मसाफ़त में न आए याद अपना घर मुझे
फ़ौक़ लुधियानवी
क्या बात थी कि उस को सँवरने नहीं दिया
फ़ातिमा वसीया जायसी
दिल में इस का ख़याल क्यूँ आया
फ़ातिमा वसीया जायसी
बादशाह-ए-वक़्त कोई और कोई मजबूर क्यूँ
फ़ातिमा वसीया जायसी
आँसू है क़ीमती जो हमारी पलक में है
फ़ातिमा वसीया जायसी
सुनती रही मैं सब के दुख ख़ामोशी से
फ़ातिमा हसन
सुकून-ए-दिल के लिए इश्क़ तो बहाना था
फ़ातिमा हसन
पहचान जिन से थी वो हवाले मिटा दिए
फ़ातिमा हसन