Heart Broken Poetry (page 187)
खींची है तसव्वुर में तस्वीर-ए-हम-आग़ोशी
बेदम शाह वारसी
काश मिरी जबीन-ए-शौक़ सज्दों से सरफ़राज़ हो
बेदम शाह वारसी
कभी यहाँ लिए हुए कभी वहाँ लिए हुए
बेदम शाह वारसी
इश्क़ के आसार हैं फिर ग़श मुझे आया देखो
बेदम शाह वारसी
हम मय-कदे से मर के भी बाहर न जाएँगे
बेदम शाह वारसी
ग़म्ज़ा पैकान हुआ जाता है
बेदम शाह वारसी
दिल लिया जान ली नहीं जाती
बेदम शाह वारसी
छिड़ा पहले-पहल जब साज़-ए-हस्ती
बेदम शाह वारसी
बुत भी इस में रहते थे दिल यार का भी काशाना था
बेदम शाह वारसी
बताए देती है बे-पूछे राज़ सब दिल के
बेदम शाह वारसी
बरहमन मुझ को बनाना न मुसलमाँ करना
बेदम शाह वारसी
अपने दीदार की हसरत में तू मुझ को सरापा दिल कर दे
बेदम शाह वारसी
अल्लाह-रे फ़ैज़ एक जहाँ मुस्तफ़ीद है
बेदम शाह वारसी
अगर काबा का रुख़ भी जानिब-ए-मय-ख़ाना हो जाए
बेदम शाह वारसी
रक़्क़ासा-ए-औहाम
बेबाक भोजपुरी
नक़्श बर-दीवार
बेबाक भोजपुरी
ख़ंजर तलाश करता है
बेबाक भोजपुरी
हिकमत का बुत-ख़ाना
बेबाक भोजपुरी
हक़-केश की फ़रियाद
बेबाक भोजपुरी
अहसन तक़्वीम
बेबाक भोजपुरी
सरीर-ए-ख़ामा से तशरीह-ए-सिर्र-ए-ज़ी होगी
बेबाक भोजपुरी
राज़ है इबरत-असर फ़ितरत की हर तहरीर का
बेबाक भोजपुरी
जिगर-गुदाज़ मआ'नी समझ सको तो कहूँ
बेबाक भोजपुरी
हक़ पसंदों से जहाँ बर-सर-ए-पैकार सही
बेबाक भोजपुरी
ग़म-ए-आफ़ाक़ में आरिफ़ अगर करवट बदलता है
बेबाक भोजपुरी
फ़स्ल-ए-बहार जाने ये क्या गुल कतर गई
बेबाक भोजपुरी
बड़ी दिल-शिकन है रह-ए-सफ़र कोई हम-सफ़र है न यार है
बेबाक भोजपुरी
झोंके आते हैं बू-ए-उल्फ़त के
बयान यज़दानी
याद में ख़्वाब में तसव्वुर में
बयान मेरठी
शैख़ के माथे पे मिट्टी बरहमन के बर में बुत
बयान मेरठी