Heart Broken Poetry (page 395)
फूली है शफ़क़ गो कि अभी शाम नहीं है
अब्दुल अज़ीज़ ख़ालिद
नख़चीर हूँ मैं कश्मकश-ए-फ़िक्र-ओ-नज़र का
अब्दुल अज़ीज़ ख़ालिद
हों क्यूँ न मुन्कशिफ़ असरार पस्त-ओ-बाला के
अब्दुल अज़ीज़ ख़ालिद
भूलों उन्हें कैसे कैसे कैसे
अब्दुल अज़ीज़ ख़ालिद
मिरी मैं जश्न-ए-शब-ए-मुनव्वर
अब्दुल अज़ीज़ फ़ितरत
क्या कहीं मिलता है क्या ख़्वाबों में
अब्दुल अज़ीज़ फ़ितरत
ग़ुंचे का जवाब हो गया है
अब्दुल अज़ीज़ फ़ितरत
अपनी नाकाम तमन्नाओं का मातम न करो
अब्दुल अज़ीज़ फ़ितरत
उस से उम्मीद-ए-वफ़ा ऐ दिल-ए-नाशाद न कर
अब्दुल अलीम आसि
कभी ऐ हक़ीक़त-ए-दिलबरी सिमट आ निगाह-ए-मजाज़ में
अब्दुल अलीम आसि
जबीन-ए-शौक़ को कुछ और भी इज़्न-ए-सआदत दे
अब्दुल अलीम आसि
अपनी हस्ती से था ख़ुद मैं बद-गुमाँ कल रात को
अब्दुल अलीम आसि
शिकस्त-ए-व'अदा की महफ़िल अजीब थी तेरी
अब्दुल अहद साज़
शेर अच्छे भी कहो सच भी कहो कम भी कहो
अब्दुल अहद साज़
नींद मिट्टी की महक सब्ज़े की ठंडक
अब्दुल अहद साज़
ला से ला का सफ़र था तो फिर किस लिए
अब्दुल अहद साज़
बचपन में हम ही थे या था और कोई
अब्दुल अहद साज़
ज़ियारत
अब्दुल अहद साज़
क़ौस-ए-क़ुज़ह
अब्दुल अहद साज़
फीकी ज़र्द दोपहर
अब्दुल अहद साज़
पस-ए-तक़रीब-ए-मुलाक़ात
अब्दुल अहद साज़
नानी-अमाँ की वफ़ात पर एक नज़्म
अब्दुल अहद साज़
ना-काम कोशिश
अब्दुल अहद साज़
मुतज़ाद ज़ाविए
अब्दुल अहद साज़
इंतिज़ार बाक़ी है
अब्दुल अहद साज़
ईद उस परी-वश की
अब्दुल अहद साज़
फ़साद के ब'अद
अब्दुल अहद साज़
दिल-दही
अब्दुल अहद साज़
दम-ए-वापसीं
अब्दुल अहद साज़
चकमा
अब्दुल अहद साज़