Sad Poetry (page 272)
मस्जिद-ए-क़ुर्तुबा
अल्लामा इक़बाल
मार्च 1907
अल्लामा इक़बाल
लेनिन
अल्लामा इक़बाल
क्या इश्क़ एक ज़िंदगी-ए-मुस्तआ'र का
अल्लामा इक़बाल
जिब्रईल ओ इबलीस
अल्लामा इक़बाल
जावेद के नाम
अल्लामा इक़बाल
जवाब-ए-शिकवा
अल्लामा इक़बाल
इल्तिजा-ए-मुसाफ़िर
अल्लामा इक़बाल
इबलीस की मजलिस-ए-शूरा
अल्लामा इक़बाल
हिन्दुस्तानी बच्चों का क़ौमी गीत
अल्लामा इक़बाल
गोरिस्तान-ए-शाही
अल्लामा इक़बाल
फ़ुनून-ए-लतीफ़ा
अल्लामा इक़बाल
फ़रिश्ते आदम को जन्नत से रुख़्सत करते हैं
अल्लामा इक़बाल
एक आरज़ू
अल्लामा इक़बाल
अबुल-अला-म'अर्री
अल्लामा इक़बाल
ज़मिस्तानी हवा में गरचे थी शमशीर की तेज़ी
अल्लामा इक़बाल
यूँ हाथ नहीं आता वो गौहर-ए-यक-दाना
अल्लामा इक़बाल
ये पीरान-ए-कलीसा-ओ-हरम ऐ वा-ए-मजबूरी
अल्लामा इक़बाल
ये कौन ग़ज़ल-ख़्वाँ है पुर-सोज़ ओ नशात-अंगेज़
अल्लामा इक़बाल
या रब ये जहान-ए-गुज़राँ ख़ूब है लेकिन
अल्लामा इक़बाल
वो हर्फ़-ए-राज़ कि मुझ को सिखा गया है जुनूँ
अल्लामा इक़बाल
तुझे याद क्या नहीं है मिरे दिल का वो ज़माना
अल्लामा इक़बाल
तू अभी रहगुज़र में है क़ैद-ए-मक़ाम से गुज़र
अल्लामा इक़बाल
था जहाँ मदरसा-ए-शीरी-ओ-शाहंशाही
अल्लामा इक़बाल
तिरी निगाह फ़रोमाया हाथ है कोताह
अल्लामा इक़बाल
ताज़ा फिर दानिश-ए-हाज़िर ने किया सेहर-ए-क़ादिम
अल्लामा इक़बाल
सितारों से आगे जहाँ और भी हैं
अल्लामा इक़बाल
समा सकता नहीं पहना-ए-फ़ितरत में मिरा सौदा
अल्लामा इक़बाल
फिर चराग़-ए-लाला से रौशन हुए कोह ओ दमन
अल्लामा इक़बाल
परेशाँ हो के मेरी ख़ाक आख़िर दिल न बन जाए
अल्लामा इक़बाल