Ghazal Poetry (page 517)

पत्थर हो कि फ़ौलाद हो डरने का नहीं मैं

मोहम्मद आबिद अली आबिद

न कारवाँ का हमारे कोई निशान रहा

मोहम्मद आबिद अली आबिद

न बख़्शा गुल को भी दस्त-ए-क़ज़ा ने

मोहम्मद आबिद अली आबिद

मिरा रफ़ीक़ पस-ए-जिस्म-ओ-जान ज़िंदा रहा

मोहम्मद आबिद अली आबिद

कोहसार के दामन में हवा तेज़ बहुत है

मोहम्मद आबिद अली आबिद

किसी गोशे में दुनिया के मकीं होते हुए भी

मोहम्मद आबिद अली आबिद

जानने के लिए बेताब था अग़्यार का हाल

मोहम्मद आबिद अली आबिद

हाइल है हिजाब-ए-शर्म-ओ-हया दीदार तो क्या गुफ़्तार तो क्या

मोहम्मद आबिद अली आबिद

सर न सज्दे से उठा ताख़ीर पर ताख़ीर कर

मोहम्मद अब्दुलहमीद सिद्दीक़ी नज़र लखनवी

नज़ारा करूँ कैसे तिरी जल्वागरी का

मोहम्मद अब्दुलहमीद सिद्दीक़ी नज़र लखनवी

मुसलमाँ देख कर अब दिल की हैरानी नहीं जाती

मोहम्मद अब्दुलहमीद सिद्दीक़ी नज़र लखनवी

मंज़िल मिले बे-हौसला-ए-जाँ नहीं देखा

मोहम्मद अब्दुलहमीद सिद्दीक़ी नज़र लखनवी

कहिए किस दर्जा वो ख़ुर्शीद-जमाल अच्छा है

मोहम्मद अब्दुलहमीद सिद्दीक़ी नज़र लखनवी

जहाँ में जिंस-ए-वफ़ा कम है कल-अदम तो नहीं

मोहम्मद अब्दुलहमीद सिद्दीक़ी नज़र लखनवी

फ़ित्ना-ज़ा फ़िक्र हर इक दिल से निकाल अच्छा है

मोहम्मद अब्दुलहमीद सिद्दीक़ी नज़र लखनवी

चेहरा उन का सुब्ह-ए-रौशन गेसू जैसे काली रात

मोहम्मद अब्दुलहमीद सिद्दीक़ी नज़र लखनवी

आलूदा-ए-इस्याँ ख़ुद कि है दिल वो मान-ए-इस्याँ क्या होगा

मोहम्मद अब्दुलहमीद सिद्दीक़ी नज़र लखनवी

ये लौ कैसी है जो इक साँस भी मद्धम नहीं होती

मोहम्मद अब्बास सफ़ीर

उन के जल्वे सहर-ओ-शाम तक आ पहुँचे हैं

मोहम्मद अब्बास सफ़ीर

उल्फ़त हो तो उल्फ़त के सहारे भी बहुत हैं

मोहम्मद अब्बास सफ़ीर

तिरे दीवाने इज़हार-ए-मोहब्बत कर नहीं सकते

मोहम्मद अब्बास सफ़ीर

पैहम उदासियों से बयाबाँ है ज़िंदगी

मोहम्मद अब्बास सफ़ीर

न हो मर्ज़ी ख़ुदा की तो किसी से कुछ नहीं होता

मोहम्मद अब्बास सफ़ीर

हिज्र में दिल का दाग़ जलता है

मोहम्मद अब्बास सफ़ीर

दिल की मायूस तमन्नाओं को मर जाने दो

मोहम्मद अब्बास सफ़ीर

बड़ी इबरत की मंज़िल है ज़मीं गोर-ए-ग़रीबाँ की

मोहम्मद अब्बास सफ़ीर

आप को गर्दिश-ए-अय्याम से डर लगता है

मोहम्मद अब्बास सफ़ीर

ये नश्शा-ए-आगाही ख़तरनाक है सर में

मोहम्मद अाज़म

वही मदार-ए-तमन्ना वही सितारा-ए-दिल

मोहम्मद अाज़म

उस से मिल कर भी ख़लिश दिल में रहा करती है

मोहम्मद अाज़म