Hope Poetry (page 156)
ईंट दीवार से जब कोई खिसक जाती है
अल्ताफ़ परवाज़
क़ौमी तराना
अल्ताफ़ मशहदी
कौन उतरा नज़र के ज़ीने से
अल्ताफ़ मशहदी
वो उम्मीद क्या जिस की हो इंतिहा
अल्ताफ़ हुसैन हाली
तुम ऐसे कौन ख़ुदा हो कि उम्र भर तुम से
अल्ताफ़ हुसैन हाली
इश्क़ सुनते थे जिसे हम वो यही है शायद
अल्ताफ़ हुसैन हाली
हम जिस पे मर रहे हैं वो है बात ही कुछ और
अल्ताफ़ हुसैन हाली
होती नहीं क़ुबूल दुआ तर्क-ए-इश्क़ की
अल्ताफ़ हुसैन हाली
है जुस्तुजू कि ख़ूब से है ख़ूब-तर कहाँ
अल्ताफ़ हुसैन हाली
इक दर्द हो बस आठ पहर दिल में कि जिस को
अल्ताफ़ हुसैन हाली
बे-क़रारी थी सब उम्मीद-ए-मुलाक़ात के साथ
अल्ताफ़ हुसैन हाली
नशात-ए-उमीद
अल्ताफ़ हुसैन हाली
मुनाजात-ए-बेवा
अल्ताफ़ हुसैन हाली
मेडिकल टेस्ट
अल्ताफ़ हुसैन हाली
हुब्ब-ए-वतन
अल्ताफ़ हुसैन हाली
बरखा-रुत
अल्ताफ़ हुसैन हाली
वस्ल का उस के दिल-ए-ज़ार तमन्नाई है
अल्ताफ़ हुसैन हाली
रंज और रंज भी तन्हाई का
अल्ताफ़ हुसैन हाली
ख़ूबियाँ अपने में गो बे-इंतिहा पाते हैं हम
अल्ताफ़ हुसैन हाली
कर के बीमार दी दवा तू ने
अल्ताफ़ हुसैन हाली
कह दो कोई साक़ी से कि हम मरते हैं प्यासे
अल्ताफ़ हुसैन हाली
कब्क ओ क़ुमरी में है झगड़ा कि चमन किस का है
अल्ताफ़ हुसैन हाली
जुनूँ कार-फ़रमा हुआ चाहता है
अल्ताफ़ हुसैन हाली
जीते जी मौत के तुम मुँह में न जाना हरगिज़
अल्ताफ़ हुसैन हाली
हश्र तक याँ दिल शकेबा चाहिए
अल्ताफ़ हुसैन हाली
हक़ वफ़ा के जो हम जताने लगे
अल्ताफ़ हुसैन हाली
है जुस्तुजू कि ख़ूब से है ख़ूब-तर कहाँ
अल्ताफ़ हुसैन हाली
धूम थी अपनी पारसाई की
अल्ताफ़ हुसैन हाली
धूप के साए
अल्ताफ़ गौहर
रात सुब्ह-ए-बहार होगी
अल्ताफ़ अहमद कुरेशी