Sad Poetry (page 174)
मुझे शिकवा नहीं बर्बाद रख बर्बाद रहने दे
बेदम शाह वारसी
मुझे जल्वों की उस के तमीज़ हो क्या मेरे होश-ओ-हवास बचा ही नहीं
बेदम शाह वारसी
में ग़श में हूँ मुझे इतना नहीं होश
बेदम शाह वारसी
मैं यार का जल्वा हूँ
बेदम शाह वारसी
काश मिरी जबीन-ए-शौक़ सज्दों से सरफ़राज़ हो
बेदम शाह वारसी
कभी यहाँ लिए हुए कभी वहाँ लिए हुए
बेदम शाह वारसी
जुस्तुजू करते ही करते खो गया
बेदम शाह वारसी
हम मय-कदे से मर के भी बाहर न जाएँगे
बेदम शाह वारसी
गुल का किया जो चाक गरेबाँ बहार ने
बेदम शाह वारसी
ग़म्ज़ा पैकान हुआ जाता है
बेदम शाह वारसी
दिल लिया जान ली नहीं जाती
बेदम शाह वारसी
दारू-ए-दर्द-ए-निहाँ राहत-ए-जानी सनमा
बेदम शाह वारसी
बुत भी इस में रहते थे दिल यार का भी काशाना था
बेदम शाह वारसी
बताए देती है बे-पूछे राज़ सब दिल के
बेदम शाह वारसी
बरहमन मुझ को बनाना न मुसलमाँ करना
बेदम शाह वारसी
अपनी हस्ती का अगर हुस्न नुमायाँ हो जाए
बेदम शाह वारसी
अपने दीदार की हसरत में तू मुझ को सरापा दिल कर दे
बेदम शाह वारसी
अल्लाह-रे फ़ैज़ एक जहाँ मुस्तफ़ीद है
बेदम शाह वारसी
तरहदार कहाँ से लाऊँ
बेबाक भोजपुरी
नक़्श बर-दीवार
बेबाक भोजपुरी
ख़ंजर तलाश करता है
बेबाक भोजपुरी
हिकमत का बुत-ख़ाना
बेबाक भोजपुरी
हक़-केश की फ़रियाद
बेबाक भोजपुरी
अहसन तक़्वीम
बेबाक भोजपुरी
सरीर-ए-ख़ामा से तशरीह-ए-सिर्र-ए-ज़ी होगी
बेबाक भोजपुरी
रौनक़ फ़रोग़-ए-दर्द से कुछ अंजुमन में है
बेबाक भोजपुरी
राज़ है इबरत-असर फ़ितरत की हर तहरीर का
बेबाक भोजपुरी
हक़ पसंदों से जहाँ बर-सर-ए-पैकार सही
बेबाक भोजपुरी
ग़म-ए-आफ़ाक़ में आरिफ़ अगर करवट बदलता है
बेबाक भोजपुरी
फ़स्ल-ए-बहार जाने ये क्या गुल कतर गई
बेबाक भोजपुरी