Sad Poetry (page 319)

हंगाम-ए-क़नाअ'त दिल-ए-मुर्दा हुआ ज़िंदा

अहमद हुसैन माइल

ग़ैर का हाल तो कहता हूँ नुजूमी बन कर

अहमद हुसैन माइल

दुनिया ने मुँह पे डाला है पर्दा सराब का

अहमद हुसैन माइल

आसमाँ खाए तो ज़मीन देखे

अहमद हुसैन माइल

वो पारा हूँ मैं जो आग में हूँ वो बर्क़ हूँ जो सहाब में हूँ

अहमद हुसैन माइल

वो बुत परी है निकालें न बाल-ओ-पर ता'वीज़

अहमद हुसैन माइल

शब-ए-माह में जो पलंग पर मिरे साथ सोए तो क्या हुए

अहमद हुसैन माइल

समझ के हूर बड़े नाज़ से लगाई चोट

अहमद हुसैन माइल

रू-ए-ताबाँ माँग मू-ए-सर धुआँ बत्ती चराग़

अहमद हुसैन माइल

मैं ही मतलूब ख़ुद हूँ तू है अबस

अहमद हुसैन माइल

महशर में चलते चलते करूँगा अदा नमाज़

अहमद हुसैन माइल

क्यूँ शौक़ बढ़ गया रमज़ाँ में सिंगार का

अहमद हुसैन माइल

क्या रोज़-ए-हश्र दूँ तुझे ऐ दाद-गर जवाब

अहमद हुसैन माइल

कोई हसीन है मुख़्तार-ए-कार-ख़ाना-ए-इश्क़

अहमद हुसैन माइल

जुम्बिश में ज़ुल्फ़-ए-पुर-शिकन एक इस तरफ़ एक उस तरफ़

अहमद हुसैन माइल

हो गए मुज़्तर देखते ही वो हिलती ज़ुल्फ़ें फिरती नज़र हम

अहमद हुसैन माइल

चोरी से दो घड़ी जो नज़ारे हुए तो क्या

अहमद हुसैन माइल

उस के नाम जो मुझे नहीं जानती

अहमद हमेश

तज्दीद-3

अहमद हमेश

शाम

अहमद हमेश

सफ़र ऐसा है कहाँ का

अहमद हमेश

रास्ते में शाम का मुक़द्दर होना

अहमद हमेश

परछाईं का सफ़र

अहमद हमेश

मुकाशफ़ा-2

अहमद हमेश

मकाशफ़ा

अहमद हमेश

मा-बा'द-उत-तबीआत

अहमद हमेश

लैंडस्केप

अहमद हमेश

कौन सी दिशा कहाँ की दिशा

अहमद हमेश

इस से ज़ियादा कुछ नहीं

अहमद हमेश

धुँद के रिश्ते है

अहमद हमेश