Sad Poetry (page 318)
ये एक लम्हे की दूरी बहुत है मेरे लिए
अहमद जावेद
यही दिल जो इक बूँद है बहर-ए-ग़म की
अहमद जावेद
दिल-ए-बेताब के हमराह सफ़र में रहना
अहमद जावेद
हुस्न नजात-दहिन्दा है
अहमद जावेद
एक सूरमा के नाम
अहमद जावेद
अन-पढ़ गूँगे का रजज़
अहमद जावेद
आँधी का रजज़
अहमद जावेद
उस के लहजे का वो उतार चढ़ाओ
अहमद जावेद
सबा देख इक दिन इधर आन कर के
अहमद जावेद
निहाल-ए-वस्ल नहीं संग-बार करने को
अहमद जावेद
मौजूद हैं कितने ही तुझ से भी हसीं कर के
अहमद जावेद
मगर वो दिया ही नहीं मान कर के
अहमद जावेद
कोई जल में ख़ुश है कोई जाल में
अहमद जावेद
किया है दिल ने बेगाना जहान-ए-मुर्ग़-ओ-माही से
अहमद जावेद
किसी का ध्यान मह-ए-नीम-माह में आया
अहमद जावेद
गए थे वहाँ जी में क्या ठान कर के
अहमद जावेद
दिल-ए-बेताब के हमराह सफ़र में रहना
अहमद जावेद
दिल आईना है मगर इक निगाह करने को
अहमद जावेद
बारिश का है ऐसा काल
अहमद जावेद
अच्छी गुज़र रही है दिल-ए-ख़ुद-कफ़ील से
अहमद जावेद
आँसू की तरह दीदा-ए-पुर-आब में रहना
अहमद जावेद
आख़िरुल-अम्र तिरी सम्त सफ़र करते हैं
अहमद जावेद
ज़ंजीरों से बँधा हुआ हर एक यहूदी तकता था
अहमद जहाँगीर
शीराज़ की मय मर्व के याक़ूत सँभाले
अहमद जहाँगीर
जश्न मनाओ रोने वाले गिर्या भूल के मस्त रहें
अहमद जहाँगीर
फ़ीरोज़ी तस्बीह का घेरा हाथ में जल्वा-अफ़्गन था
अहमद जहाँगीर
अगर हों गोया तो फिर बे-तकान बोलते हैं
अहमद हुसैन मुजाहिद
नींद से उठ कर वो कहना याद है
अहमद हुसैन माइल
नाज़ कर नाज़ तिरे नाज़ पे है नाज़ मुझे
अहमद हुसैन माइल
जलसों में ख़ल्वतों में ख़यालों में ख़्वाब में
अहमद हुसैन माइल