Nazam Poetry (page 5)

ज़मीन सिमट कर मेरे तलवे से आ लगी

जवाज़ जाफ़री

महा-भारत

ग़ज़नफ़र

सुकूत-ए-शब

अज़हर क़ादिरी

जवाँ आग

हबीब जालिब

मरहला

दौर आफ़रीदी

पहचान

फ़ैसल हाश्मी

हिदायत

एहतिशाम अख्तर

तख़्लीक़

फ़ैसल हाश्मी

मौसम

बलराज कोमल

बारिश

एहतिशाम अख्तर

मल्का-ए-तरन्नुम नूर-ए-जहाँ की नज़्र

हबीब जालिब

तआ'क़ुब

एहतिशाम अख्तर

ऐ हवा शोर कर

मोईन निज़ामी

आख़िरी आदमी

फ़ख़्र-ए-आलम नोमानी

तिश्नगी

अनीस अहमद अनीस

बादशाह तेरी दहलीज़ का दरबान है

जवाज़ जाफ़री

अगर औरत कमा सकती तो

बुशरा सईद

मुर्ग़-ए-मरहूम

असद जाफ़री

चारागर

दर्शन सिंह

हिज्र

हारिस ख़लीक़

हर्फ़ सादा-ओ-रंगीं

मुनीर नियाज़ी

एस-एम-एस

इमरान शनावर

मुग़ल की कार

असद जाफ़री

नज़्म

अख़्तर हुसैन जाफ़री

क़र्या-ए-वीराँ

मुख़्तार सिद्दीक़ी

आख़िरी अलमिया

मोईन निज़ामी

अपने शहर के लिए दुआ

मुनीर नियाज़ी

दिसम्बर की आवाज़

बलराज कोमल

दुश्मन की तरफ़ दोस्ती का हाथ

मुनीर नियाज़ी

विरासत

बुशरा सईद