Nazam Poetry (page 4)

दूर का सफ़र

बलराज कोमल

जवाँ होता बुढ़ापा

ममता तिवारी

किस तरह रात की दहलीज़ कोई पार करे

फ़ैसल हाश्मी

रिसता दर्द

ममता तिवारी

बातें करो

ग़ौस ख़ाह मख़ाह हैदराबादी

सुकून

हरबंस मुखिया

हम-ज़ाद

फ़ैसल हाश्मी

असातीरी नज़्म

जवाज़ जाफ़री

सियासी मस्लहत

ग़ौस ख़ाह मख़ाह हैदराबादी

यौम-ए-बर्क़

बिर्ज लाल रअना

सूरज की पहली किरन

अमजद इस्लाम अमजद

गुल-दान

आरिफ़ अब्दुल मतीन

मुझे तलाश करो

अहमद नदीम क़ासमी

बे-साया पेड़

काशिफ़ रफ़ीक़

मोहब्बत पर यक़ीं था जब

हमीदा शाहीन

मुक़फ़्फ़ल चुप

फ़ैसल हाश्मी

दिल्ली पे क़ुर्बान

इज़हार मलीहाबादी

टीपू-सुल्तान

इज्तिबा रिज़वी

कल से आज तक

दौर आफ़रीदी

मसीहा

फ़ाख़िरा बतूल

ख़रगोश का ग़म

बलराज कोमल

चौकीदार

बुशरा सईद

रिश्ता

गोबिंद प्रसाद

महाऋषि-स्वामी-दयानंद

चरख़ चिन्योटी

एक याद

हबीब जालिब

काली आग

नायाब

नए आदमी का कंफ़ेशन

ग़ज़नफ़र

ख़ामोशी का शोर

फ़ैसल हाश्मी

वो आलम ख़्वाब का था

हारिस ख़लीक़

मोहब्बत अब नहीं होगी

मुनीर नियाज़ी