Love Poetry (page 189)
सरीर-ए-ख़ामा से तशरीह-ए-सिर्र-ए-ज़ी होगी
बेबाक भोजपुरी
रौनक़ फ़रोग़-ए-दर्द से कुछ अंजुमन में है
बेबाक भोजपुरी
राज़ है इबरत-असर फ़ितरत की हर तहरीर का
बेबाक भोजपुरी
जिगर-गुदाज़ मआ'नी समझ सको तो कहूँ
बेबाक भोजपुरी
हक़ पसंदों से जहाँ बर-सर-ए-पैकार सही
बेबाक भोजपुरी
ग़म-ए-आफ़ाक़ में आरिफ़ अगर करवट बदलता है
बेबाक भोजपुरी
फ़स्ल-ए-बहार जाने ये क्या गुल कतर गई
बेबाक भोजपुरी
बड़ी दिल-शिकन है रह-ए-सफ़र कोई हम-सफ़र है न यार है
बेबाक भोजपुरी
झोंके आते हैं बू-ए-उल्फ़त के
बयान यज़दानी
ये तासीर मोहब्बत है कि टपका
बयान मेरठी
वो हटे आँख के आगे से तो बस सूरत-ए-अक्स
बयान मेरठी
दिल आया है क़यामत है मिरा दिल
बयान मेरठी
अदाएँ ता-अबद बिखरी पड़ी हैं
बयान मेरठी
ये मैं कहूँगा फ़लक पे जा कर ज़मीं से आया हूँ तंग आ कर
बयान मेरठी
यार पहलू में निहाँ था मुझे मा'लूम न था
बयान मेरठी
वो दरिया-बार अश्कों की झड़ी है
बयान मेरठी
सुब्ह क़यामत आएगी कोई न कह सका कि यूँ
बयान मेरठी
सर-ए-शोरीदा पा-ए-दश्त-ए-पैमा शाम-ए-हिज्राँ था
बयान मेरठी
लहू टपका किसी की आरज़ू से
बयान मेरठी
खुला है जल्वा-ए-पिन्हाँ से अज़-बस चाक वहशत का
बयान मेरठी
ख़ाक करती है ब-रंग-ए-चर्ख़-ए-नीली-फ़ाम रक़्स
बयान मेरठी
ग़म्ज़ा-ए-मा'शूक़ मुश्ताक़ों को दिखलाती है तेग़
बयान मेरठी
दिल उचकेगी कि बिखरी है अड़ी है
बयान मेरठी
चराग़-ए-हुस्न है रौशन किसी का
बयान मेरठी
ऐ जुनूँ हाथ के चलते ही मचल जाऊँगा
बयान मेरठी
आएँगे गर उन्हें ग़ैरत होगी
बयान मेरठी
ये ख़ूब-रू न छुरी ने कटार रखते हैं
बयाँ अहसनुल्लाह ख़ान
तेरा सितम जो मुझ से गदा ने सहा सहा
बयाँ अहसनुल्लाह ख़ान
पूछता कौन है डरता है तू ऐ यार अबस
बयाँ अहसनुल्लाह ख़ान
न फ़क़त यार बिन शराब है तल्ख़
बयाँ अहसनुल्लाह ख़ान