Sad Poetry (page 225)

कौन हैं वो जिन्हें आफ़ाक़ की वुसअत कम है

अशफ़ाक़ हुसैन

उस आँख न उस दिल से निकाले हुए हम हैं

अशफ़ाक़ हुसैन

फिर याद उसे करने की फ़ुर्सत निकल आई

अशफ़ाक़ हुसैन

इतना बे-नफ़अ नहीं उस से बिछड़ना मेरा

अशफ़ाक़ हुसैन

हंगाम-ए-शब-ओ-रोज़ में उलझा हुआ क्यूँ हूँ

अशफ़ाक़ हुसैन

दिल इक नई दुनिया-ए-मआनी से मिला है

अशफ़ाक़ हुसैन

अपनी ख़ुशी से मुझे तेरी ख़ुशी थी अज़ीज़

अशफ़ाक़ आमिर

अब ए'तिबार पे जी चाहता तो है लेकिन

अशफ़ाक़ आमिर

लगा हो दिल तो ख़यालात कब बदलते हैं

अशफ़ाक़ आमिर

इक पल में क्या कुछ बदल गया जब बे-ख़बरों को ख़बर हुई

अशफ़ाक़ आमिर

एक नया वाक़िआ इश्क़ में क्या हो गया

अशफ़ाक़ आमिर

अंधेरे में तजस्सुस का तक़ाज़ा छोड़ जाना है

अशअर नजमी

सुकूत-ए-शब के हाथों सोंप कर वापस बुलाता है

अशअर नजमी

रफ़्ता रफ़्ता ख़त्म क़िस्सा हो गया होना ही था

अशअर नजमी

अंधेरे में तजस्सुस का तक़ाज़ा छोड़ जाना है

अशअर नजमी

वहीं के पत्थरों से पूछ मेरा हाल-ए-ज़िंदगी

अशहर हाशमी

शोर कैसा है मिरे दिल के ख़राबे से उठा

अशहर हाशमी

क्या क़द्र-ए-अना होगी जबीं जान रही है

अशहर हाशमी

हर लम्हा चाँद चाँद निखरना पड़ा मुझे

अाशा प्रभात

दैर-ओ-हरम भी आए कई इस सफ़र के बीच

अाशा प्रभात

शिकार अपनी अना का है आज का इंसाँ

असग़र वेलोरी

मुझ को ग़म का न कभी दर्द का एहसास रहा

असग़र वेलोरी

जितना रोना था रो चुके आदम

असग़र वेलोरी

सुनो कुछ दीदा-ए-नम बोलते हैं

असग़र वेलोरी

कोई छोटा यहाँ कोई बड़ा है

असग़र वेलोरी

किसी की चाह में ग़म क्या है और ख़ुशी क्या है

असग़र वेलोरी

कहने आए थे कुछ कहा ही नहीं

असग़र वेलोरी

हो गई अपनों की ज़ाहिर दुश्मनी अच्छा हुआ

असग़र वेलोरी

एक फ़ित्ना सा उठाया है चला जाएगा

असग़र वेलोरी

''ख़ुश्क पत्ता है तो हवा से डर''

असग़र शमीम