Sad Poetry (page 101)
मरहला तय कोई बे-मिन्नत-ए-जादा भी तो हो
गौहर होशियारपुरी
मैं ख़ुद ही ख़ूगर-ए-ख़लिश-ए-जुस्तुजू न था
गौहर होशियारपुरी
कैसे डूबा डूब गया
गौहर होशियारपुरी
हाँ काहिश-ए-फ़ुज़ूल का हासिल भी कुछ नहीं
गौहर होशियारपुरी
इक साया-ए-शाम याद आया
गौहर होशियारपुरी
दुखी दिलों में, दुखी साथियों में रहते थे
गौहर होशियारपुरी
दिल तमाम आईने तीरा कौन रौशन कौन
गौहर होशियारपुरी
दिल-ए-ग़म-ज़दा पे गुज़र गया है वो हादसा कि मिरे लिए
गणेश बिहारी तर्ज़
बज़्म-ए-याराँ है ये साक़ी मय नहीं तो ग़म न कर
गणेश बिहारी तर्ज़
ऐ गर्दिशो तुम्हें ज़रा ताख़ीर हो गई
गणेश बिहारी तर्ज़
रह-ए-इश्क़ में ग़म-ए-ज़िंदगी की भी ज़िंदगी सफ़री रही
गणेश बिहारी तर्ज़
माहौल साज़गार करो मैं नशे में हूँ
गणेश बिहारी तर्ज़
कितने जुमले हैं कि जो रू-पोश हैं यारों के बीच
गणेश बिहारी तर्ज़
जिस्म तो मिट्टी में मिलता है यहीं मरने के बाद
गणेश बिहारी तर्ज़
अहल-ए-दिल के वास्ते पैग़ाम हो कर रह गई
गणेश बिहारी तर्ज़
मंज़िलें सम्तें बदलती जा रही हैं रोज़ ओ शब
फ़ुज़ैल जाफ़री
किस दर्द से रौशन है सियह-ख़ाना-ए-हस्ती
फ़ुज़ैल जाफ़री
घर से बाहर नहीं निकला जाता
फ़ुज़ैल जाफ़री
इक ख़ौफ़ सा दरख़्तों पे तारी था रात-भर
फ़ुज़ैल जाफ़री
दश्त-ए-तन्हाई में जीने का सलीक़ा सीखिए
फ़ुज़ैल जाफ़री
बोसे बीवी के हँसी बच्चों की आँखें माँ की
फ़ुज़ैल जाफ़री
भूले-बिसरे हुए ग़म फिर उभर आते हैं कई
फ़ुज़ैल जाफ़री
आठों पहर लहू में नहाया करे कोई
फ़ुज़ैल जाफ़री
तेज़ आँधी रात अँधयारी अकेला राह-रौ
फ़ुज़ैल जाफ़री
सुब्ह तक हम रात का ज़ाद-ए-सफ़र हो जाएँगे
फ़ुज़ैल जाफ़री
सर-ए-सहरा-ए-दुनिया फूल यूँ ही तो नहीं खिलते
फ़ुज़ैल जाफ़री
सदाक़तों के दहकते शोलों पे मुद्दतों तक चला किए हम
फ़ुज़ैल जाफ़री
क़दम क़दम पे हैं बिखरी हक़ीक़तें क्या क्या
फ़ुज़ैल जाफ़री
निभेगी किस तरह दिल सोचता है
फ़ुज़ैल जाफ़री
नौमीद करे दिल को न मंज़िल का पता दे
फ़ुज़ैल जाफ़री