Couplets Poetry (page 295)
रहने दे अपनी बंदगी ज़ाहिद
मुबारक अज़ीमाबादी
क़ुबूल हो कि न सज्दा ओ सलाम अपना
मुबारक अज़ीमाबादी
क़िबला-ओ-काबा ये तो पीने पिलाने के हैं दिन
मुबारक अज़ीमाबादी
क़यामत की हक़ीक़त जानता हूँ
मुबारक अज़ीमाबादी
क़दम क़दम पे ये कहती हुई बहार आई
मुबारक अज़ीमाबादी
फूल क्या डालोगे तुर्बत पर मिरी
मुबारक अज़ीमाबादी
फिर न दरमाँ का कभी नाम 'मुबारक' लेना
मुबारक अज़ीमाबादी
निकलना आरज़ू का दिल से मालूम
मुबारक अज़ीमाबादी
न मानोगे न मानोगे हमारी
मुबारक अज़ीमाबादी
मुझ को मालूम है अंजाम-ए-मोहब्बत क्या है
मुबारक अज़ीमाबादी
मोहब्बत में वफ़ा की हद जफ़ा की इंतिहा कैसी
मुबारक अज़ीमाबादी
मिलो मिलो न मिलो इख़्तियार है तुम को
मुबारक अज़ीमाबादी
मिरी ख़ाक भी उड़ेगी बा-अदब तिरी गली में
मुबारक अज़ीमाबादी
मेरी दुश्वारी है दुश्वारी मिरी
मुबारक अज़ीमाबादी
मेहरबानी चारासाज़ों की बढ़ी
मुबारक अज़ीमाबादी
मेहराब-ब-इबादत ख़म-ए-अबरू है बुतों का
मुबारक अज़ीमाबादी
मस्जिद की सर-ए-राह बिना डाल न ज़ाहिद
मुबारक अज़ीमाबादी
मैं तो हर हर ख़म-ए-गेसू की तलाशी लूँगा
मुबारक अज़ीमाबादी
क्या कहें क्या क्या किया तेरी निगाहों ने सुलूक
मुबारक अज़ीमाबादी
कुछ इस अंदाज़ से सय्याद ने आज़ाद किया
मुबारक अज़ीमाबादी
किसी से आज का वादा किसी से कल का वादा है
मुबारक अज़ीमाबादी
किसी ने बर्छियाँ मारीं किसी ने तीर मारे हैं
मुबारक अज़ीमाबादी
किसी की तमन्ना निकलती रही
मुबारक अज़ीमाबादी
किस पे दिल आया कहाँ आया बता ऐ नासेह
मुबारक अज़ीमाबादी
खटक रही है कोई शय निकाल दे कोई
मुबारक अज़ीमाबादी
ख़बर इतनी तो है झोंके तिरे बाद-ए-ख़िज़ाँ पहुँचे
मुबारक अज़ीमाबादी
कली रह गई ना-शगुफ़्ता हमारी
मुबारक अज़ीमाबादी
कल तो देखा था 'मुबारक' बुत-कदे में आप को
मुबारक अज़ीमाबादी
कहीं ऐसा न हो कम-बख़्त में जान आ जाए
मुबारक अज़ीमाबादी
कहाँ क़िस्मत में इस की फूल होना
मुबारक अज़ीमाबादी