Couplets Poetry (page 531)

हिलाल ओ बद्र दोनों में 'अमीर' उन की तजल्ली है

अमीर मीनाई

हाथ रख कर मेरे सीने पे जिगर थाम लिया

अमीर मीनाई

हटाओ आइना उम्मीद-वार हम भी हैं

अमीर मीनाई

हँस के फ़रमाते हैं वो देख के हालत मेरी

अमीर मीनाई

है वसिय्यत कि कफ़न मुझ को इसी का देना

अमीर मीनाई

है जवानी ख़ुद जवानी का सिंगार

अमीर मीनाई

गिरह से कुछ नहीं जाता है पी भी ले ज़ाहिद

अमीर मीनाई

गर्द उड़ी आशिक़ की तुर्बत से तो झुँझला कर कहा

अमीर मीनाई

गाहे गाहे की मुलाक़ात ही अच्छी है 'अमीर'

अमीर मीनाई

फ़ुर्क़त में मुँह लपेटे मैं इस तरह पड़ा हूँ

अमीर मीनाई

फ़िराक़-ए-यार ने बेचैन मुझ को रात भर रक्खा

अमीर मीनाई

देख ले बुलबुल ओ परवाना की बेताबी को

अमीर मीनाई

छेड़ देखो मिरी मय्यत पे जो आए तो कहा

अमीर मीनाई

बोसा लिया जो उस लब-ए-शीरीं का मर गए

अमीर मीनाई

बरहमन दैर से काबे से फिर आए हाजी

अमीर मीनाई

बाक़ी न दिल में कोई भी या रब हवस रहे

अमीर मीनाई

बाग़बाँ कलियाँ हों हल्के रंग की

अमीर मीनाई

बातें नासेह की सुनीं यार के नज़्ज़ारे किए

अमीर मीनाई

बाद मरने के भी छोड़ी न रिफ़ाक़त मेरी

अमीर मीनाई

अपनी महफ़िल से अबस हम को उठाते हैं हुज़ूर

अमीर मीनाई

'अमीर' अब हिचकियाँ आने लगी हैं

अमीर मीनाई

अल्लाह-री नज़ाकत-ए-जानाँ कि शेर में

अमीर मीनाई

अल्लाह-रे सादगी नहीं इतनी उन्हें ख़बर

अमीर मीनाई

अच्छे ईसा हो मरीज़ों का ख़याल अच्छा है

अमीर मीनाई

अभी कमसिन हैं ज़िदें भी हैं निराली उन की

अमीर मीनाई

अभी आए अभी जाते हो जल्दी क्या है दम ले लो

अमीर मीनाई

आया न एक बार अयादत को तू मसीह

अमीर मीनाई

आशिक़ का बाँकपन न गया बाद-ए-मर्ग भी

अमीर मीनाई

आँखें दिखलाते हो जोबन तो दिखाओ साहब

अमीर मीनाई

आहों से सोज़-ए-इश्क़ मिटाया न जाएगा

अमीर मीनाई