Couplets Poetry (page 30)

दोस्ती बद बला है इस में ख़ुदा

इनामुल्लाह ख़ाँ यक़ीन

चश्म-ए-तर पर गर नहीं करता हवा पर रहम कर

इनामुल्लाह ख़ाँ यक़ीन

अगरचे इश्क़ में आफ़त है और बला भी है

इनामुल्लाह ख़ाँ यक़ीन

'यास' इस चर्ख़-ए-ज़माना-साज़ का क्या ए'तिबार

यगाना चंगेज़ी

यकसाँ कभी किसी की न गुज़री ज़माने में

यगाना चंगेज़ी

'यगाना' वही फ़ातेह-ए-लखनऊ हैं

यगाना चंगेज़ी

वाइज़ की आँखें खुल गईं पीते ही साक़िया

यगाना चंगेज़ी

वही साक़ी वही साग़र वही शीशा वही बादा

यगाना चंगेज़ी

उम्मीद-ओ-बीम ने मारा मुझे दो-राहे पर

यगाना चंगेज़ी

शर्बत का घूँट जान के पीता हूँ ख़ून-ए-दिल

यगाना चंगेज़ी

साक़ी मैं देखता हूँ ज़मीं आसमाँ का फ़र्क़

यगाना चंगेज़ी

सब्र करना सख़्त मुश्किल है तड़पना सहल है

यगाना चंगेज़ी

सब तिरे सिवा काफ़िर आख़िर इस का मतलब क्या

यगाना चंगेज़ी

रंग बदला फिर हवा का मय-कशों के दिन फिरे

यगाना चंगेज़ी

पुकारता रहा किस किस को डूबने वाला

यगाना चंगेज़ी

पयाम-ए-ज़ेर-ए-लब ऐसा कि कुछ सुना न गया

यगाना चंगेज़ी

पर्दा-ए-हिज्र वही हस्ती-ए-मौहूम थी 'यास'

यगाना चंगेज़ी

पहुँची यहाँ भी शैख़ ओ बरहमन की कश्मकश

यगाना चंगेज़ी

पहाड़ काटने वाले ज़मीं से हार गए

यगाना चंगेज़ी

न संग-ए-मील न नक़्श-ए-क़दम न बाँग-ए-जरस

यगाना चंगेज़ी

मुसीबत का पहाड़ आख़िर किसी दिन कट ही जाएगा

यगाना चंगेज़ी

मुझे दिल की ख़ता पर 'यास' शर्माना नहीं आता

यगाना चंगेज़ी

मुझे ऐ नाख़ुदा आख़िर किसी को मुँह दिखाना है

यगाना चंगेज़ी

मुफ़लिसी में मिज़ाज शाहाना

यगाना चंगेज़ी

मौत माँगी थी ख़ुदाई तो नहीं माँगी थी

यगाना चंगेज़ी

मरते दम तक तिरी तलवार का दम भरते रहे

यगाना चंगेज़ी

ख़ुदी का नश्शा चढ़ा आप में रहा न गया

यगाना चंगेज़ी

ख़ुदा जाने अजल को पहले किस पर रहम आएगा

यगाना चंगेज़ी

ख़ुदा ही जाने 'यगाना' मैं कौन हूँ क्या हूँ

यगाना चंगेज़ी

कशिश-ए-लखनऊ अरे तौबा

यगाना चंगेज़ी